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देशभर में मानसून का कहर: 11 नदियां उफान पर, यूपी समेत कई राज्यों में भारी बारिश का हाई अलर्ट, अरुणाचल में लैंडस्लाइड से 4 लोगो की हुई मौतें

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने इस बार हालात और भी गंभीर कर दिए हैं। गंगा, यमुना, शारदा, घाघरा और राप्ती जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई तटीय और निचले इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। वाराणसी में गंगा किनारे स्थित कई छोटे-बड़े मंदिर जलमग्न हो गए हैं और घाटों पर पानी भरने से धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। उन्नाव, प्रयागराज और कानपुर देहात के निचले इलाकों में घरों में पानी घुसने से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं और नावों के जरिए आवागमन किया जा रहा है। प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है और कई जगहों पर अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं। मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में अगले 48 घंटों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है।

मध्य प्रदेश में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और कई जिलों में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर और होशंगाबाद संभाग में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। राज्य के 12 से अधिक जिलों में बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका के चलते प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। राजस्थान के जयपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर सहित कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।

हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बिलासपुर-सोलन, मंडी-मनाली और शिमला-किन्नौर मार्गों पर कई जगह लैंडस्लाइड होने से सड़क संपर्क बाधित हो गया है। पहाड़ी इलाकों में कई घरों को नुकसान पहुंचा है और बिजली व पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। राज्य में मानसून की शुरुआत से अब तक बारिश से जुड़े हादसों में कई लोगों की जान जा चुकी है, जिससे प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है।

ओडिशा के छह से अधिक जिलों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। महानदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे सैकड़ों गांव प्रभावित हुए हैं। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और राहत शिविरों में भोजन व चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं, अरुणाचल प्रदेश में भी तेज बारिश के बाद भूस्खलन और बाढ़ की घटनाओं ने हालात बिगाड़ दिए हैं, कई सड़कें बंद हैं और दूरदराज के इलाकों का संपर्क टूट गया है।

उत्तराखंड में भी भारी बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे चारधाम यात्रा मार्गों पर खतरा बढ़ गया है। पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली और रुद्रप्रयाग में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि देहरादून, नैनीताल और पौड़ी गढ़वाल सहित कई जिलों में यलो अलर्ट लागू है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त सलाह दी है, क्योंकि आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।

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