शशि भूषण दूबे कंचनीय/मोहम्मद अमीन शेख
मीरजापुर। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में धान खरीद व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि धान खरीद में किसी भी प्रकार की अनियमितता, बिचौलियों की दखलंदाजी अथवा किसानों के उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी क्रय केंद्रों पर पारदर्शिता के साथ धान खरीद सुनिश्चित की जाए तथा किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न होने पाए।
बैठक में जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने धान क्रय नीति के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए खरीद व्यवस्था की समीक्षा की। सभी संस्था प्रभारियों एवं केंद्र प्रभारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप 28 फरवरी 2027 तक धान खरीद का कार्य संचालित करने के निर्देश दिए गए।
गड़बड़ी मिलने पर 24 घंटे में होगी कार्रवाई
बैठक में बताया गया कि खाद्य विभाग के ई-उपार्जन पोर्टल पर धान खरीद से संबंधित अनियमितताओं का पता लगाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। किसी भी क्रय केंद्र पर एनॉमली (असामान्यता) सामने आने पर उसकी जानकारी संबंधित क्रय एजेंसी के संभागीय अधिकारी के डैशबोर्ड पर दिखाई देगी। संबंधित अधिकारी को स्वयं जांच कर 24 घंटे के भीतर आवश्यक कार्रवाई करनी होगी। गंभीर शिकायत मिलने पर संबंधित केंद्र पर खरीद बंद कराकर नया क्रय केंद्र संचालित कराया जा सकेगा।
10 किलोमीटर के दायरे में ही होगी धान खरीद
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि क्रय केंद्रों पर टोकन रजिस्टर के अनुसार उपस्थित किसानों से ही धान खरीदा जाए। किसी भी स्थिति में बिचौलियों अथवा व्यापारियों से खरीद नहीं की जाएगी। सामान्य परिस्थितियों में केंद्र से 10 किलोमीटर से अधिक दूरी के किसानों का धान नहीं खरीदा जाएगा। हालांकि, यदि किसी गांव के 10 किलोमीटर के दायरे में कोई क्रय केंद्र उपलब्ध नहीं है तो विशेष परिस्थितियों में 15 किलोमीटर तक के किसानों का धान खरीदा जा सकेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अन्य जनपद के किसानों का धान मीरजापुर के क्रय केंद्रों पर नहीं खरीदा जाएगा, भले ही संबंधित जनपद की सीमा मीरजापुर से सटी हो। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
किसानों को तौल के लिए न दौड़ाएं
जिलाधिकारी ने सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया कि धान की तौल निर्धारित क्रय केंद्र पर ही की जाए। जानबूझकर खरीद की गति धीमी करने अथवा किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान करने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। किसानों को बार-बार केंद्रों के चक्कर न लगाने पड़ें और टोकन व्यवस्था का पूरी पारदर्शिता के साथ पालन किया जाए।
बोरों की कमी से बाधित न हो खरीद कार्य
बैठक में बोरों की उपलब्धता की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद में कुल 2,510 गांठ नए जूट के बोरे उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त संबंधित मिलों से उपयोगी बोरे प्राप्त कर खरीद कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने सभी संस्था प्रभारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक क्रय केंद्र पर पर्याप्त संख्या में बोरे उपलब्ध कराए जाएं, ताकि बोरों की कमी के कारण धान खरीद प्रभावित न हो।
उन्होंने खरीदे गए धान को सुरक्षित स्थानों पर रखने के निर्देश देते हुए कहा कि धान खुले में न रखा जाए। बारिश अथवा अन्य कारणों से धान खराब न हो, इसके लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक में जिला खाद्य विपणन अधिकारी संजीव कुमार सिंह, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अमित कुमार पाण्डेय, पीसीएफ, पीसीयू एवं यूपीएसएस के जिला प्रबंधक, कृषि उत्पादन मंडी समिति मीरजापुर के सचिव सहित समस्त धान क्रय केंद्र प्रभारी उपस्थित रहे।
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