रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा के आगाज में अब महज कुछ ही दिन शेष हैं. बाबा केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल को खुलने जा रहे हैं, लेकिन इस बार का नजारा पिछले कई वर्षों की तुलना में बेहद खास और साहसिक होने वाला है. भारी बर्फबारी और ग्लेशियरों की चुनौती के बावजूद प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए ‘स्नो कॉरिडोर’ तैयार कर लिया है.
मजदूरों की मेहनत से कटा 10 फीट का ग्लेशियर: रुद्रप्रयाग के डीएम विशाल मिश्रा के अनुसार, यात्रा मार्ग को सुचारू बनाना किसी हिमालयी चुनौती से कम नहीं था. थारू और चोराबारी जैसे संवेदनशील पॉइंट्स पर 8 से 10 फीट ऊंचे ग्लेशियर टूटकर रास्ते में आ गए थे. 100 से अधिक श्रमिकों ने दिन-रात कड़ी मशक्कत कर इन विशाल ग्लेशियरों को काटकर रास्ता बनाया है. जब श्रद्धालु पैदल मार्ग से गुजरेंगे, तो उनके दोनों ओर इंसान के कद से भी ऊंची बर्फ की सफेद दीवारें खड़ी मिलेंगी.
बर्फ की चादर में लिपटी केदारपुरी: मंदिर परिसर में वर्तमान में 2 से 3 फीट तक बर्फ मौजूद है. हालांकि प्रशासन का कहना है कि बर्फ धीरे-धीरे पिघल रही है, लेकिन 22 अप्रैल को कपाट खुलने के समय भी धाम पूरी तरह बर्फ की सफेद चादर से ढका रहेगा. गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच 4 प्रमुख ग्लेशियर पॉइंट्स को सुरक्षा के लिहाज से चिन्हित किया गया है.
रजिस्ट्रेशन में टूटा रिकॉर्ड: बाबा केदार के दर्शन के लिए भक्तों का उत्साह चरम पर है. पंजीकरण के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं: कुल रजिस्ट्रेशन: 5,96,100 (15 अप्रैल तक) पहले दिन का उत्साह: केवल पहले दिन ही 42,405 भक्तों ने पंजीकरण कराया था.
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