लखनऊ: लोकसभा में गुरुवार को महिला आरक्षण कानून से जुड़े तीन अहम संशोधन विधेयक पेश किए गए। इसके तहत 2029 से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने की व्यवस्था की जाएगी। इस मुद्दे पर बुलाए गए विशेष सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संशोधन विधेयक का पुरजोर विरोध किया। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने मुस्लिम महिलाओं को भी इस आरक्षण व्यवस्था में शामिल करने की मांग की।
सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि हम महिला आरक्षण के समर्थन में हैं, लेकिन सरकार जल्दबाजी कर रही है। सरकार पहले जनगणना कराए उसके बाद आरक्षण लागू करे। सरकार को पता है कि अगर वह जनगणना कराएगी तो हम जाति के आधार पर आरक्षण की मांग करेंगे. इसीलिए वह हम लोगों को धोखा देकर महिला संशोधन विधेयक पास कराना चाहती है। अखिलेश यादव ने कहा कि पूरा देश आधी आबादी को आरक्षण चाहता है। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या मु्स्लिम महिलाएं आधी आबादी में नहीं आतीं।
समाजवादी पार्टी में सबसे ज्यादा महिला सांसद: धर्मेंद्र यादव
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि संसद को यह पावर दी गई है कि वह देश के संविधान की रक्षा करे पर आज ऐसा दिन आ गया है कि हम लोग संविधान को तोड़ना, मरोड़ना और फोड़ना चाह रहे हैं। हम समाजवादी पार्टी के लोग इसका पुरजोर विरोध करते हैं। महिला बिल की चाशनी के नाम पर जो हाल कश्मीर और असम का हुआ है, वही हाल पूरे देश में करने का प्रयास है। हम संपूर्ण विपक्ष की ओर से इसका पुरजोर विरोध करेंगे। धर्मेंद्र यादव ने कहा कि सरकार तीनों संशोधन बिल को वापस ले और 2023 में पास महिला बिल को लागू करे।
नए प्रावधान में लोकसभा की 273 सीटें महिलाओं के नाम रहेंगी
गौरतलब है कि संशोधन विधेयक में लोकसभा की कुल सीटों को बढ़ाकर अधिकतम 850 करने का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि वर्तमान में यह संख्या 543 है। प्रस्ताव के अनुसार, राज्यों में अधिकतम 815 सीटें और केंद्र शासित प्रदेशों में 35 सीटें निर्धारित की जा सकती हैं। सीटों के अंतिम निर्धारण के लिए परिसीमन प्रक्रिया भी लागू की जाएगी। नए प्रावधानों के तहत लोकसभा की 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
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