कोलकाता: नगर निगम (केएमसी) ने भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन के आरोप में आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के आवास के अवैध हिस्सों को ध्वस्त करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई जांच के दौरान सामने आई अनियमितताओं के आधार पर की जा रही है। बता दें कि कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने 20 मई को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के घर की छत के एक हिस्से को गिराने का आदेश दिया है। उन पर बिना मंजूरी के निर्माण करने का आरोप है। नगर निगम ने 45 दिनों के अदंर इसे गिराने के आदेश दिए थे।
केएमसी के अधिकारियों ने किया था घर का दौरा
केएमसी के अधिकारियों ने इससे पहले अवैध निर्माण की जांच के लिए घर का दौरा किया था। हालांकि घर वालों को लगभग दो साल पहले एक नोटिस भेजा गया था। लेकिन अब नगर निकाय ने साफ तौर पर आदेश दिया गया था कि अगले 45 दिनों के भीतर उस हिस्से को गिरा दिया जाए। हालांकि अभी तक यह कार्रवाई नहीं हुई। अब 45 दिन की पूरे होने में सिर्फ दो दिन बचे है, जिसे लेकर अब दोबारा नोटिस भेजा गया है। ऐसे में जल्द ही संदीप घोष के घर पर बुलडोजर चल सकता है।
भ्रष्टाचार मामले पर चल रहा केस
संदीप घोष अभी आरजी कर हॉस्पिटल में वित्तीय भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद जेल में हैं। केएमसी की सूचना के अनुसार, यह घर 83, बदन रॉय लेन, बेलेघाटा में स्थित है। घोष और उनकी पत्नी संगीता घोष की प्रॉपर्टी के तीन हिस्से बिना मंजूरी के बने पाए गए, जो 2009 के बिल्डिंग नियमों के नियम 133 और 134 का उल्लंघन करते हैं। यह जांच और उसके बाद की कार्रवाई अंशुमान सरकार नाम के व्यक्ति की शिकायत के आधार पर शुरू की गई थी।
News Wani
