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ऑपरेशन पुश बैक पर भारत-बांग्लादेश में बढ़ी तनातनी, नदिया में 57 बांग्लादेशी गिरफ्तार

ऑपरेशन पुश बैक को लेकर बीएसएफ-बीजीबी में तनातनी बढ़ गयी है. चार महिलाएं, चार बच्चे और चार पुरुष समेत कुल 12 लोगों की नागरिकता को लेकर बीएसएफ और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के बीच मतभेद है. इस मुद्दे पर लगातार दो दिनों तक फ्लैग मीटिंग हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका. शनिवार को दूसरी फ्लैग मीटिंग में भी बीजीबी ने अपना दावा दोहराया. वहीं, बीएसएफ ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि रानीनगर सेक्टर से किसी भी व्यक्ति को बांग्लादेश नहीं भेजा गया है. बीएसएफ का कहना है कि जब कोई पुश बैक हुआ ही नहीं, तो किसी को वापस लेने का सवाल नहीं उठता.

बीजीबी ने लगाया पुश बैक का आरोप

बांग्लादेश सीमा से सटे गांवों के लोगों और बीजीबी का आरोप है कि शुक्रवार तड़के बीएसएफ ने सीमा का गेट खोलकर इन 12 लोगों को जबरन बांग्लादेश की ओर धकेल दिया. उनका दावा है कि ये सभी भारतीय नागरिक हैं और भारत को इन्हें वापस लेना चाहिए. पहली बैठक विफल रहने के बाद इन लोगों को रानीनगर और प्रागपुर सीमा के बीच 148/3-एस पिलर के पास जीरो प्वाइंट पर रात गुजारनी पड़ी. बाद में उन्हें अस्थायी रूप से बांग्लादेश के एक सीमावर्ती गांव में रखा गया, लेकिन शनिवार सुबह फिर जीरो प्वाइंट पर बैठा दिया गया.

उच्चस्तरीय निर्देश का इंतजार

बीएसएफ ने बताया कि मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी गयी है और आगे की कार्रवाई वरिष्ठ स्तर पर मिले निर्देशों के आधार पर की जायेगी. फिलहाल सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गयी है. स्थानीय ग्रामीण भी सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं. इस घटनाक्रम ने एक बार फिर भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ, नागरिकता सत्यापन और सीमा प्रबंधन जैसे संवेदनशील मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है. अब दोनों देशों के उच्चस्तरीय अधिकारियों के अगले कदम पर नजरें टिकी हैं.

नदिया में 57 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार

इधर, नदिया जिले में वैध दस्तावेजों के बिना भारत में रहने के आरोप में 57 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने सभी को जिले के विभिन्न इलाकों से हिरासत में लिया. गिरफ्तार लोगों का शक्तिनगर जिला अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है. इसके बाद उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें बांग्लादेश भेजने की कार्रवाई की जायेगी. पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार लोगों में से करीब 30 को कृष्णानगर जिला पुलिस और 27 को राणाघाट जिला पुलिस ने पकड़ा है. जांच के दौरान उनके पास भारत में वैध रूप से रहने संबंधी आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले. इसी आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया. ऐसे लोगों को रखने के लिए एक होल्डिंग कैंप की व्यवस्था भी की गयी है. यहां कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें रखा जाता है.

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