फतेहपुर। थाना खखरेरू में दर्ज धर्म परिवर्तन एवं अन्य आरोपों से जुड़े चर्चित मुकदमे में आरोपी मंसूब अहमद को बड़ी राहत मिली है। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी कोर्ट संख्या-1, फतेहपुर ने आरोपी की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उसे निर्धारित शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। मामले में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जावेद खान एवं अधिवक्ता शोएब खान ने प्रभावशाली एवं तथ्यपरक पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखा। दोनों अधिवक्ताओं ने मुकदमे से जुड़े विभिन्न कानूनी बिंदुओं, उपलब्ध साक्ष्यों एवं न्यायिक दृष्टांतों को विस्तार से प्रस्तुत किया। उनकी सशक्त दलीलों और विधिक कौशल के चलते न्यायालय ने आरोपी को जमानत का लाभ प्रदान किया। गौरतलब है कि थाना खखरेरू में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 84/2026 में आरोपी मंसूब अहमद पर युवती को प्रेमजाल में फंसाने, अश्लील वीडियो बनाने, धमकी देने तथा धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने सहित विभिन्न आरोप लगाए गए थे। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया था। जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से प्रस्तुत तर्कों एवं उपलब्ध अभिलेखों पर विचार करने के उपरांत न्यायालय ने आरोपी को राहत प्रदान की। न्यायालय ने आदेश दिया कि आरोपी मंसूब अहमद को एक लाख रुपये के निजी मुचलके एवं समान धनराशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने पर रिहा किया जाए। साथ ही न्यायालय ने आरोपी को प्रत्येक सुनवाई पर उपस्थित रहने, गवाहों को प्रभावित न करने, अनावश्यक स्थगन न लेने तथा न्यायालय की अनुमति के बिना देश न छोड़ने जैसी शर्तों का पालन करने का निर्देश दिया है। इस निर्णय के बाद अधिवक्ता समुदाय में वरिष्ठ अधिवक्ता जावेद खान एवं अधिवक्ता शोएब खान की प्रभावी पैरवी की सराहना की जा रही है। कानूनी जानकारों का मानना है कि दोनों अधिवक्ताओं ने मुकदमे के तथ्यों और कानून के पहलुओं को न्यायालय के समक्ष मजबूती से प्रस्तुत कर अपने मुवक्किल को राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

News Wani