नई दिल्ली। दिल्ली की एक विशेष सीबीआई अदालत ने सोमवार को NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में रेणुकाई करियर सेंटर के फाउंडर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को 9 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। विशेष सीबीआई न्यायाधीश अजय गुप्ता ने सीबीआई की 10 दिन के रिमांड की मांग पर आरोपी को 9 दिन की कस्टोडियल पूछताछ की अनुमति दी।
पर्सनल मोबाइल से बरामद हुआ पेपर
सीबीआई ने अदालत को बताया कि मोटेगांवकर को रविवार शाम लातूर से गिरफ्तार किया गया था। उसकी तलाशी के दौरान 3 मई को हुए परीक्षा के लीक हुए प्रश्न पत्र की कॉपी उनके पर्सनल मोबाइल फोन से बरामद हुई है। एजेंसी ने आरोप लगाया कि मोटेगांवकर एक संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य था, जिसने NEET-UG पेपर लीक करने और उसे फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विशेष सीबीआई न्यायाधीश ने सीबीआई की 10 दिन के रिमांड की मांग पर आरोपी को 9 दिन की कस्टोडियल पूछताछ की अनुमति दी।
परीक्षा के बाद नष्ट किए सबूत
सीबीआई के अनुसार, ‘उसके कोचिंग सेंटर के माध्यम से प्रश्न पत्र और उत्तरों का बड़े पैमाने पर प्रसार किया गया।’ सीबीआई ने कहा कि आरोपी को 23 अप्रैल को ही परीक्षा से करीब 10 दिन पहले लीक हुआ प्रश्न पत्र और उत्तर प्राप्त हो गए थे। उसने कई लोगों को लीक पेपर की हैंडरिटन नोट्स दीं, जिन्हें परीक्षा के बाद नष्ट कर दिया गया था।
पीवी कुलकर्णी से से तलाश रहे रिश्ता
एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि मोटेगांवकर का किंगपिन प्रह्लाद विठ्ठलराव कुलकर्णी से क्या संबंध था। सीबीआई ने इससे पहले केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी और बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ मंढारे को गिरफ्तार किया था। दोनों एक महिला मनीषा वाघमारे के जरिए एक-दूसरे को जानते थे, जो फिलहाल सीबीआई हिरासत में है।
सीबीआई खंगाल रही पूरा नेटवर्क
आरोप है कि इन दोनों लेक्चरर्स ने वाघमारे की मदद से NEET के छात्रों को परीक्षा से पहले स्पेशल सेशन्स के लिए जोड़ा था। मोटेगांवकर के वकील ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल को हिरासत में भेजने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वे 1999 से पढ़ा रहे हैं और सभी संबंधित सामग्री जब्त कर ली गई है। सीबीआई अब आरोपी से उसके नेटवर्क, अन्य लोगों के साथ संबंध और पेपर लीक की पूरी चेन की जांच कर रही है।
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