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दिवाली की सुबह मातम में बदली खुशियां, मकान की छत गिरने से सास-बहू और 20 दिन के मासूम की मौत

कानपुर। दीपावली के पावन पर्व पर जहां लोग खुशियां मनाने की तैयारी कर रहे थे, वहीं कानपुर में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। पनकी पड़ाव इलाके में रविवार सुबह एक पुराने मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के दौरान कमरे में मौजूद सास, बहू और महज 20 दिन का नवजात बच्चा मलबे में दब गए। इस हादसे में तीनों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार का एक अन्य सदस्य घायल हो गया।

जानकारी के मुताबिक, हादसा सुबह करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच हुआ। मकान की छत बांस-बल्लियों और मिट्टी से बनी हुई थी। परिवार के सदस्य सुबह अपने घरेलू कामों में व्यस्त थे। इसी दौरान एक कमरे की छत अचानक ढह गई। कमरे में विनोदनी शुक्ला (60), उनका बेटा हर्ष शुक्ला (32), बहू अंशिका शुक्ला (28) और 20 दिन का मासूम आरव मौजूद थे।

छत गिरते ही कमरे में चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर दूसरे कमरे में मौजूद परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और आसपास के लोगों की मदद से मलबा हटाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, चिकित्सकों ने विनोदनी शुक्ला, अंशिका शुक्ला और मासूम आरव को मृत घोषित कर दिया। हर्ष को मामूली चोटें आई हैं।

परिजनों के अनुसार, हादसे के समय अंशिका अपने नवजात बेटे को गोद में लेकर दूध पिला रही थीं। अचानक छत गिरने से मां और बच्चा मलबे में दब गए। हादसे की खबर फैलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

बताया गया कि अवधेश शुक्ला का मकान करीब 35 साल पुराना था। एक मंजिला इस पुश्तैनी मकान में चार कमरे हैं और छत पारंपरिक तरीके से बांस-बल्लियों तथा मिट्टी से बनाई गई थी। परिवार के लोग लंबे समय से इसी मकान में रह रहे थे। हर्ष एक औद्योगिक कंपनी में काम करते हैं और उनकी शादी करीब दो साल पहले अंशिका से हुई थी। 20 दिन पहले ही परिवार में बेटे का जन्म हुआ था।

पानी के रिसाव से छत कमजोर होने की आशंका

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पश्चिमी क्षेत्र के डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में छत पर पानी के रिसाव के कारण अतिरिक्त भार बढ़ने की आशंका सामने आई है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद रही।

दीपावली के दिन हुए इस हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस घर में कुछ दिन पहले नवजात के जन्म की खुशियां गूंज रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है।

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