फतेहपुर। रात के अंधेरे में घरों के बाहर बंधी बकरियों को सफेद बोलेरो में लादकर फरार होने वाले गैंग पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया। देवमई नहर पुलिया के पास बकेवर पुलिस और क्राइम डिटेक्शन टीम ने संदिग्ध बोलेरो को घेरा तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में 15 से अधिक मुकदमों वाला रफीक पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसके दो साथियों को पुलिस ने घेराबंदी कर दबोच लिया।
पुलिस के मुताबिक बकेवर और औंग थाना क्षेत्रों में लगातार बकरी चोरी की घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के जरिए संदिग्ध वाहनों व गैंग की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की थी। सोमवार रात पुलिस को सूचना मिली कि चोरी में इस्तेमाल होने वाली सफेद बोलेरो दोबारा जिले में दाखिल हुई है। इसके बाद बकेवर पुलिस और क्राइम डिटेक्शन टीम ने तत्काल घेराबंदी शुरू कर दी।
देवमई नहर पुलिया के पास पुलिस ने बोलेरो को रोकने का प्रयास किया तो उसमें सवार बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में कछेवरा निवासी रफीक पुत्र सखीक के बाएं पैर में गोली लगी। उसे तत्काल अस्पताल भेजा गया। वहीं भागने का प्रयास कर रहे तेजानगर निवासी नसीम और जावेद को पुलिस टीम ने घेरकर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे .315 बोर, दो खोखा कारतूस, तीन जिंदा कारतूस, सफेद बोलेरो, 12,500 रुपये नकद, लोहे की रॉड और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि बरामद सामग्री का इस्तेमाल चोरी की घटनाओं में किया जाता था।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि पूछताछ में गैंग के कुछ अन्य सक्रिय सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। रफीक के खिलाफ चोरी और पशु चोरी समेत 15 से अधिक मुकदमे फतेहपुर के विभिन्न थानों और अन्य जनपदों में दर्ज होने की जानकारी मिली है। पुलिस उसके अन्य आपराधिक इतिहास को भी खंगाल रही है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। घायल रफीक का अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। उपचार के बाद उसे न्यायालय में पेश कर रिमांड की कार्रवाई की जाएगी। वहीं गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
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