Breaking News

रक्षाबंधन से पहले चीनी हुई महंगी, 55 रुपये किलो तक पहुंचे दाम; त्योहार की मिठास पर महंगाई का असर

फतेहपुर। रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही बाजार में रोजमर्रा की जरूरत वाली वस्तुओं के दामों पर महंगाई का असर दिखाई देने लगा है। चीनी के कम उत्पादन और त्योहारों के चलते बढ़ती मांग के बीच पिछले करीब पखवाड़ेभर में फुटकर बाजार में चीनी के दाम में करीब 10 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। चीनी के अचानक बढ़े दामों ने आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जिनके लिए चाय और घर में बनने वाले पकवान रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा हैं।

अभी तक फुटकर बाजार में 45 से 50 रुपये प्रति किलो बिकने वाली चीनी अब 55 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इस तरह उपभोक्ताओं को एक किलो चीनी खरीदने के लिए पहले की तुलना में करीब 10 रुपये अधिक चुकाने पड़ रहे हैं। रक्षाबंधन से ठीक पहले चीनी के दामों में इस बढ़ोतरी को बाजार में महत्वपूर्ण उछाल के रूप में देखा जा रहा है।

रक्षाबंधन के मौके पर मिठाई, पकवान और अन्य व्यंजन तैयार किए जाते हैं। इसके अलावा बाजार से भी बड़ी मात्रा में मिठाइयां खरीदी जाती हैं। लिहाजा सामान्य दिनों की तुलना में चीनी की मांग बढ़ना स्वाभाविक है। किराना स्टोर संचालक अनिल गुप्ता का कहना है कि त्योहार की मांग बढ़ने के साथ यदि बाजार में आपूर्ति उसी अनुपात में नहीं रही तो आने वाले दिनों में चीनी के दामों में और उछाल आ सकता है। इसका सीधा असर घरेलू बजट के साथ-साथ मिठाई कारोबार पर भी पड़ने की आशंका है। चीनी महंगी होने से मिठाइयों की लागत बढ़ना तय माना जा रहा है और इसका असर त्योहार पर मिठाई खरीदने वाले ग्राहकों की जेब पर भी पड़ सकता है।

दाम बढ़े तो घट गई खपत

चीनी के बढ़ते दामों का असर बाजार में इसकी खपत पर भी दिखाई देने लगा है। व्यावसायिक नगरी बिंदकी के शक्कर विक्रेता अनिल ओमर के मुताबिक, मौजूदा समय में शक्कर का कारोबार करीब 15 से 20 फीसदी तक घट गया है। उनके अनुसार, पहले जो ग्राहक एक बार में करीब पांच किलो चीनी खरीद लेते थे, अब वही ग्राहक जरूरत के मुताबिक कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं।

बढ़ती कीमतों के बीच उपभोक्ता एक साथ अधिक मात्रा में चीनी खरीदने से बच रहे हैं। कई ग्राहक एक या दो किलो ही खरीद रहे हैं, जबकि कुछ लोग आधा किलो से ही काम चला रहे हैं। इससे फुटकर कारोबार पर भी असर पड़ा है।

आम परिवारों के बजट पर असर

चीनी यानी शक्कर का इस्तेमाल लगभग हर घर में होता है। चाय से लेकर मिठाई और विभिन्न घरेलू पकवानों तक में इसकी जरूरत पड़ती है। इसलिए इसके दाम में बढ़ोतरी से सीधे घरेलू खर्च प्रभावित होता है। खासकर ऐसे समय में जब त्योहारों के कारण परिवारों के खर्च पहले से ही बढ़ जाते हैं।

फिलहाल चीनी के दाम में 10 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी अतिरिक्त बोझ बन गई है। एक ओर रक्षाबंधन पर भाई-बहन के रिश्ते की मिठास बढ़ाने के लिए लोग मिठाई और अन्य सामान खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बाजार में शक्कर की बढ़ती कीमतों ने चिंता बढ़ा दी है। उपभोक्ताओं को आशंका है कि यदि त्योहार के दौरान मांग और बढ़ी तो चीनी के दामों में और इजाफा हो सकता है।

चाय से मिठाई तक महंगाई की मार

चीनी के दाम बढ़ने का असर सबसे पहले रोजमर्रा की चाय पर महसूस होता है। घर में दिनभर बनने वाली चाय में चीनी की खपत भले ही कम मात्रा में होती हो, लेकिन लगातार बढ़ती कीमतें महीने के कुल घरेलू खर्च पर असर डालती हैं। वहीं, त्योहार के दौरान मिठाई और पकवानों में चीनी की अधिक जरूरत होने से खर्च और बढ़ सकता है।

व्यापारियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में बाजार में मांग और आपूर्ति के आधार पर चीनी के दाम तय होंगे। फिलहाल 45 से 50 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 55 रुपये प्रति किलो तक पहुंची चीनी ने उपभोक्ताओं को महंगाई का नया झटका दिया है।

About NW-Editor

Check Also

बारिश के बीच जर्जर दीवार बनी जानलेवा, मलबे में दबकर बुजुर्ग महिला की मौत; दूसरी घायल

फतेहपुर। खागा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नंदापुर मजरे कूड़ा में गुरुवार सुबह जर्जर दीवार ढहने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *