फतेहपुर। दिव्यांगजनों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित दिव्यांगजन रोजगार अभियान-3.0 का समापन हो गया। तीन अगस्त से 13 अगस्त तक चले इस अभियान में आईटीआई एवं कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके युवाओं समेत 100 से अधिक दिव्यांगजनों ने भाग लिया। अभियान के दौरान इच्छुक दिव्यांगजनों की काउंसलिंग कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया गया।
अभियान का शुभारंभ तीन अगस्त को संयुक्त निदेशक प्रयागराज मंडल राजकुमार एवं प्रधानाचार्य/जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन डॉ. राजकुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया था। अभियान के दौरान सेवायोजन कार्यालय, जिला उद्योग केंद्र, महिंद्रा टेक एवं डॉ. रेड्डी फाउंडेशन के माध्यम से दिव्यांग प्रतिभागियों की काउंसलिंग की गई। उनकी योग्यता एवं रुचि के अनुसार रोजगार और स्वरोजगार के विकल्पों की जानकारी दी गई।
रोजगार अभियान में 100 से अधिक दिव्यांगजनों ने प्रतिभाग किया। इनमें से महिंद्रा टेक एवं डॉ. रेड्डी फाउंडेशन द्वारा पांच दिव्यांगजनों का रोजगार के लिए चयन कर उन्हें सेवायोजित किया गया। वहीं, जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से 15 दिव्यांगजनों को स्वरोजगार से जोड़ा गया। इस तरह अभियान के माध्यम से कुल 20 दिव्यांगजनों को रोजगार एवं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला।
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभियानों का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल प्रशिक्षण तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उनकी क्षमता और योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। अभियान के माध्यम से दिव्यांगजनों को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने के साथ उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने का भी प्रयास किया गया।
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