महोबा उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा स्थित ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी तथा अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी तथा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
इस दौरान उन्होंने ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की चल रही प्रथम स्तरीय जाँच (First Level Checking-FLC) की प्रक्रिया का जायजा लिया। उन्होंने निर्देशित किया कि आगामी निर्वाचन के दृष्टिगत ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की कार्यशीलता एवं तकनीकी स्थिति की जाँच तथा प्रथम स्तरीय जाँच की प्रक्रिया को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं प्रोटोकॉल के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एफएलसी के दौरान मशीनों की जाँच की प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों से जाँच की प्रगति, मशीनों के रख-रखाव, सुरक्षा व्यवस्था एवं अभिलेखों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रथम स्तरीय जाँच की पूरी प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुसार पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई जाए तथा ईवीएम-वीवीपैट के सुरक्षित भंडारण एवं सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
संबंधित अधिकारियों द्वारा मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एफएलसी से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई। निरीक्षण के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी एफएलसी की प्रक्रिया का अवलोकन किया।
इसके पश्चात कलेक्ट्रेट सभागार में निर्वाचन से सम्बन्धित समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी तथा समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में उन्होंने निर्वाचन से संबंधित तैयारी एवं कार्यों की जानकारी प्राप्त की। जिसके अंतर्गत अधिकारियों एवं कर्मचारी की उपलब्धता एवं प्रभारी अधिकारियों की निर्वाचन से संबंधित कार्यों के संपादन करने के लिए ड्यूटी तैयार किए जाने के निर्देश दिए।उन्होंने निर्वाचनों में निर्वाचन कार्य को संपन्न कराए जाने हेतु वाहनों की उपलब्धता तथा स्ट्रांग रूम की व्यवस्था एवं कर्मचारियों अधिकारियों के प्रशिक्षण को बेहतर रूप से प्रदान किए जाने के साथ निर्वाचन से जुड़े अन्य कार्यों की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन एवं वीवी पेट मशीन को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखे जाने एवं निर्वाचन से संबंधित कार्यों की तैयारी की व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों और उप जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा एफएलसी सुपरवाइजरों को FLC की रिफ्रेशर ट्रेनिंग दी जा चुकी है। अक्टूबर 2026 के अंत तक पूरे प्रदेश में FLC का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, उसके बाद सेक्टर मजिस्ट्रेट पोलिंग बूथों का भौतिक सत्यापन करेंगे। लोकसभा की तरह विधानसभा चुनाव भी पूरी तरह विवाद-रहित, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण कराया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ग़ज़ल भारद्वाज, उप जिला निर्वाचन अधिकारी इंद्रनंदन सिंह, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे सूर्यकान्त त्रिपाठी एवं सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एवं मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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