महोबा। कस्बा खरेला के हले मुहाल में एक किसान ने फसल में हुए नुकसान और साहूकारों के बढ़ते कर्ज के बोझ से परेशान होकर खेत में एक पेड़ में रस्सी के सहारे फांसी लगाकर आत्हत्या कर ली। किसानों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद जांच शुरू कर दी है। किसान की मौत से उसके परिवार का रो रोकर बुरा हाल बना हुआ है।
कस्बे मुहाल हले थर्ड निवासी किसान हरगोविंद प्रजापति (52) के पास पांच बीघा अपनी जमीन थी। परिवार का खर्च चलाने के लिए वह गांव के करीब 100 बीघा जमीन बटाई और बलकट पर लेकर खेती करता था। पिछले चार साल से फसल अच्छी नहीं हो रही थी और इस साल भी बारिश के चलते उसकी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति और बिगड़ने लगी। हरगोविंद परिजनों को खेत में जाने की बात कहकर निकल गया और वहां लगे एक पेड़ पर रस्सी के सहारे फांसी पर झूलकर आत्महत्या कर ली। आसपास खेतों में काम कर रहे किसानों ने हरगोविंद को फांसी पर लटका देख उसके परिनजों के अलावा पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर मामले की जांच करने में जुट गई।
मृतक का पुत्र बाबूराम ने बताया कि लगातार फसल में नुकसान के कारण हरगोविंद पर साहूकारों का लिया कर्ज बढ़ता जा रहा था आरोप है कि रकम वापस न कर पाने पर साहूकार पिता को फोन कर अपमानित करते थेे और रास्ता रोककर पैसा वापस किए जाने दबाव बनाते थे। परिजनों ने फसल बर्बादी और कथित उत्पीड़न को इस घटना की वजह बताया है। गांव के दिलीप कुमार ने बताया कि हरगोविंद के तीन पुत्र है। पिता की मौत से उसे अलावा पूरे परिवारजनों का रोरो कर बुरा हाल है। परिजनों ने प्रशासन से आर्थिक मदद देने और कथित उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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