लखनऊ। सरोजनीनगर के अमौसी स्थित इंडियन ऑयल एलपीजी बॉटलिंग प्लांट के बाहर गुरुवार सुबह ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के चलते इंडेन गैस सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित हो गई है। ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि टेंडर के समय कंपनी की ओर से पर्याप्त काम देने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब उन्हें नियमित रूप से लोड नहीं मिल रहा है।
ट्रांसपोर्टरों के मुताबिक टेंडर में प्रत्येक वाहन से करीब ढाई लाख रुपये का काम मिलने की बात कही गई थी, लेकिन मौजूदा स्थिति में एक लाख रुपये का काम भी नहीं मिल पा रहा है। इससे वाहन मालिकों को लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि वाहनों के लोन की किस्तें चुकाना मुश्किल हो गया है और बैंकों की ओर से नोटिस भी आने लगे हैं।
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि पहले प्लांट से रोजाना वाहनों को लोड मिल जाता था, लेकिन अब कई बार तीसरे या चौथे दिन किसी एक वाहन को लोड दिया जाता है। इससे वाहन लंबे समय तक खड़े रहते हैं और परिचालन लागत बढ़ती जा रही है।
इसके अलावा, सिलेंडर लेकर एजेंसियों तक पहुंचने वाली कुछ गाड़ियों को समय पर खाली नहीं कराया जाता। ट्रांसपोर्टरों के अनुसार कई बार वाहन दो-दो दिन तक एजेंसी पर खड़े रहते हैं, जिससे डीजल, ड्राइवर और अन्य खर्चों के कारण अतिरिक्त आर्थिक नुकसान होता है।
ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि पहले लखनऊ के साथ आसपास के जिलों में भी सिलेंडरों की आपूर्ति की जाती थी। उनका आरोप है कि अब बाहरी जिलों के लिए लोड भेजना बंद कर दिया गया है और सप्लाई मुख्य रूप से लखनऊ शहर तक सीमित कर दी गई है।
ट्रांसपोर्टरों ने कंपनी से टेंडर की शर्तों के अनुसार पर्याप्त काम उपलब्ध कराने, वाहनों को नियमित लोड देने और एजेंसियों पर गाड़ियों को समय से खाली कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समस्याओं का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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