पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने अडियाला जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि इमरान खान को इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए। कोर्ट ने उनकी पूरी मेडिकल रिपोर्ट भी तलब की है।
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान की स्वास्थ्य स्थिति की विस्तृत जांच के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया। बोर्ड में उनकी बहन डॉ. उजमा खान और निजी डॉक्टर को भी शामिल करने को कहा गया है। डॉक्टर उनकी पुरानी मेडिकल रिपोर्ट का अध्ययन करने के साथ यह भी पता लगाएंगे कि ब्लड क्लॉट की समस्या की वजह क्या है और उन्हें आगे किस तरह के इलाज की जरूरत है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने जेल प्रशासन की ओर से पेश की गई मेडिकल रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए। जस्टिस शाहिद वहीद ने कहा कि अदालत के सामने पूरी रिपोर्ट पेश करने के बजाय केवल उसका सारांश दिया गया है। जेल रिपोर्ट में इमरान की पल्स और दिल की स्थिति को लेकर चिंता के साथ एंजियोग्राफी की सलाह का भी उल्लेख किया गया था।
रिपोर्ट में इमरान की आंख की बीमारी सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन का भी जिक्र है। जेल प्रशासन के मुताबिक, इस बीमारी का इलाज चल रहा है और प्रभावित आंख की नजर लगभग सामान्य हो चुकी है। रिपोर्ट में नवंबर 2023 से अगस्त 2026 के बीच हुई 39 मेडिकल जांचों का भी उल्लेख किया गया है।
अदालत ने पीटीआई से इमरान खान की मेडिकल स्थिति को राजनीतिक मुद्दा न बनाने की अपील भी की। साथ ही उनकी बहनों से मुलाकात को लेकर अदालत ने कहा कि परिवार से मिलना उनका मौलिक अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले तीन वर्षों में इमरान और उनकी बहनों के बीच हुई मुलाकातों तथा उनके बेटों से बातचीत और कॉल से जुड़ी जानकारी भी मांगी है।
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें तोशाखाना मामले में सजा के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर कई अन्य मामले भी चले। इमरान और उनकी पार्टी पीटीआई लंबे समय से आरोप लगाती रही है कि उनके खिलाफ कार्रवाई राजनीतिक कारणों से की जा रही है, जबकि पाकिस्तान सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है।
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