चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का कथित AI डीपफेक वीडियो बनाकर लोगों से ठगी करने की कोशिश का मामला सामने आया है। तमिलनाडु पुलिस की क्राइम ब्रांच-सीआईडी (CB-CID) ने 1 सितंबर को इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच के शुरुआती चरण में मुख्यमंत्री विजय के नाम और चेहरे का इस्तेमाल कर बनाए गए कई फर्जी AI वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो को अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया जा रहा था। वीडियो में विजय जैसे दिखने वाला एक व्यक्ति हिंदी में लोगों से आर्थिक मदद की अपील करता दिखाई दे रहा था और उन्हें एक WhatsApp नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा जा रहा था।
पुलिस को आशंका है कि इन फर्जी वीडियो के जरिए लोगों को भ्रमित कर उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश की गई। जांच के दौरान कुछ संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स और वीडियो के पाकिस्तान से संचालित होने की आशंका भी सामने आई है। हालांकि, इस कनेक्शन की अभी विस्तृत जांच की जा रही है।
Meta से मांगी गई जानकारी
CB-CID ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए फेसबुक की पैरेंट कंपनी Meta से संपर्क किया है। पुलिस ने संदिग्ध अकाउंट्स, वीडियो अपलोड करने वालों और उनसे जुड़े लॉग की जानकारी मांगी है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि AI डीपफेक वीडियो किसने तैयार किए, इन्हें सबसे पहले किस अकाउंट से अपलोड किया गया और इनके प्रसार के लिए किन सोशल मीडिया अकाउंट्स, मोबाइल नंबरों और WhatsApp ग्रुप का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से ऐसे फर्जी वीडियो हटाने और उनके प्रसार पर रोक लगाने के लिए भी कहा है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से संदिग्ध अकाउंट्स की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस ने लोगों को किया सावधान
तमिलनाडु पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी वीडियो में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क न करें। साथ ही संदिग्ध WhatsApp ग्रुप में जुड़ने या किसी अनजान व्यक्ति को पैसे भेजने से बचने की सलाह दी गई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री विजय की ओर से आर्थिक मदद मांगने वाला इस तरह का वीडियो फर्जी हो सकता है। लोगों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध वीडियो या संदेश को आगे शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें।
AI डीपफेक क्या है?
AI डीपफेक ऐसी तकनीक है, जिसके जरिए किसी व्यक्ति के चेहरे, आवाज या हावभाव को डिजिटल तरीके से बदलकर ऐसा वीडियो या ऑडियो तैयार किया जा सकता है, जो देखने और सुनने में असली जैसा लगे। यही वजह है कि आम लोगों के लिए ऐसे फर्जी कंटेंट की पहचान करना कई बार मुश्किल हो जाती है।
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री, नेता, अभिनेता या किसी अन्य चर्चित व्यक्ति के नाम से प्रसारित होने वाले आर्थिक मदद के अनुरोध पर तुरंत भरोसा न करें और पैसे भेजने से पहले आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि जरूर करें।
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