- दिसरापुर गहरे तालाब में डूबा एमपी का युवक, बहन के घर भागवत कथा में शामिल होने आया था महोबा
महोबा। शहर से करीब पांच किमी. दूर दिसरापुर गांव में बने तालाब में नहाने गए युवक की गहरे पानी में डूब जाने से लापता हो गया। तालाब में नहाने से पूर्व उसने अपने भांजे को मोबाइल देकर फोटो खिचवाई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की टीम के साथ पानी में डूबे युवक की तालाब में तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। टीम युवक की तलाश करने में जुटी हुई है, वहीं परिजन व ग्रामीण तालाब किनारे मायूस बैठे रहे। यूपी एमपी सरहद के जिला छतरपुर के झिझन गांव निवासी राममिलन (23) अपनी फुफेरी बहन के घर आयोजित भागवत कथा में शामिल होने सदर कोतवाली के दिसरापुर गांव आया था। राममिलन अपने भांजे सत्यम और आठ अन्य साथियों के साथ केंद्रीय विद्यालय के समीप बने तालाब में नहाने गया। तालाब में उतरने से पहले उसने अपने भांजे से अपनी एक तस्वीर भी खिंचवाई, लेकिन उसे क्या पता था खिचवाई गई यह फोटो उसकी जिंदगी की आखिरी फोटो होगी। भांजे सत्यम के ने बताया कि सभी दोस्त एक साथ नहा रहे थे और मामा एक बार तालाब में नहाकर वापस आ गए थे और अन्य साथी किनारे पर बैठकर शैंपू और साबुन लगा रहे थे, तभी मामा ने अचानक दोबारा पानी में छलांग लगा दी। सत्यम ने उसे आवाज दी, जिस पर उसने दो मिनट में आने की बात कही और तैरते हुए आगे की ओ चले गए लेकिन इसके बाद वह पानी की सतह पर दोबारा नजर नहीं आया। कुछ देर बाद नहा रहे साथियों ने काफी तलाश की, लेकिन राममिलन का कोई सुराग नहीं लगा और धीरे धीरे घटना परिजन सहित गांव में फैल गई, जिससे घटना स्थल पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। घटना की सूचना मिलते ही शहर कोतवाली प्रभारी मनीष पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की गई। हालांकि, परिजनों ने बचाव कार्य में देरी का आरोप लगाया है। राममिलन के पिता गोपी प्रसाद ने बताया कि उनका बेटा पल्लेदारी का काम कर घर चलाता था। घटना को कई घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन 30 फीट गहरे पानी और बड़े दायरे के कारण युवक का अभी तक पता नहीं चल पाया है। फिलहाल, स्थानीय गोताखोर ट्यूब, जाल और अन्य संसाधनों के जरिए तलाश में जुटे हैं, जबकि किनारे पर खड़ा परिजन और ग्रामीण युवक के वापस आने की आस लगाए हुए हैं।
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