लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ए.के. शर्मा ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित संगम सभागार में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों को लेकर नगर विकास विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश भर के नगर आयुक्त, मेयर, पार्षद, ईओ तथा विभागीय अधिकारी शामिल हुए। बैठक में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26, सिटीजन फीडबैक, कूड़ा पृथक्करण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 और आरआरआर मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई। श्री शर्मा ने कहा कि स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाए और आमजन की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने नगर निकायों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक सिटीजन फीडबैक प्राप्त किया जाए तथा वार्ड स्तर पर स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समितियों को सक्रिय किया जाए। मंत्री ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, सोर्स सेग्रीगेशन और वैज्ञानिक वेस्ट मैनेजमेंट व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विशेष बल दिया गया। शर्मा ने कहा कि आगामी मानसून को देखते हुए मंत्री ने नाला-नालियों की नियमित सफाई, सिल्ट निकासी और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक निकाय में त्वरित कार्रवाई के लिए क्यूआरटी गठित करने पर जोर दिया। बैठक में सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ एवं अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने, व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाने और स्वच्छता के प्रति व्यवहार परिवर्तन आधारित जागरूकता अभियान संचालित करने पर भी चर्चा हुई।
ए.के. शर्मा ने कहा कि सभी अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता और जवाबदेही के साथ कार्य करें ताकि प्रदेश के शहरों को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाया जा सके। उन्होंने नगर पंचायतों एवं नगर पालिकाओं के ईओ को निर्देश दिए कि वे अपने निकायों की नियमित समीक्षा करें और स्वच्छता, जल निकासी, कूड़ा प्रबंधन, नागरिक सुविधाओं तथा जनसंतुष्टि के सभी मानकों पर बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी नगर निकायों को बेहतर, व्यवस्थित और नागरिक हितैषी बनाना सरकार की प्राथमिकता है। यदि अधिकारी गंभीरता और समर्पण के साथ कार्य करेंगे तो साफ-सफाई सहित अन्य नागरिक समस्याओं का भी प्रभावी समाधान संभव होगा।
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