वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को ईरान के खिलाफ सोशल मीडिया पर करीब एक घंटे के भीतर लगातार सात पोस्ट किए। इन पोस्ट के जरिए उन्होंने ईरान की अर्थव्यवस्था, तेल निर्यात, महंगाई और कमजोर होती करेंसी को लेकर तीखे दावे किए। ट्रम्प ने ईरान के रणनीतिक तेल केंद्र खार्ग द्वीप को लेकर भी बेहद आक्रामक संदेश दिया।
ट्रम्प की पोस्ट में ईरान के नक्शे के साथ उनकी तस्वीर, होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल के आवागमन का ग्राफिक और ईरानी तेल निर्यात से जुड़े आंकड़े शामिल थे। इसके अलावा उन्होंने ईरानी रियाल की गिरती कीमत और देश में बढ़ती महंगाई को भी निशाना बनाया।
ईरान के नक्शे को ट्रम्प के चेहरे जैसा दिखाया
ट्रम्प ने एक ग्राफिक साझा किया, जिसमें ईरान के नक्शे की आकृति को बदलकर उसे उनके चेहरे के साइड प्रोफाइल जैसा दिखाया गया। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने ईरान पर अमेरिकी दबाव को अपने आक्रामक अंदाज में पेश किया।
होर्मुज से तेल आपूर्ति का दावा
एक अन्य पोस्ट में ट्रम्प ने होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल के आवागमन को लेकर ग्राफिक साझा किया। इसमें दावा किया गया कि फिलहाल करीब 1.8 करोड़ बैरल तेल रोजाना इस मार्ग से गुजर रहा है, जबकि पहले यह आंकड़ा लगभग 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन था।
ईरान के तेल निर्यात में भारी गिरावट का दावा
ट्रम्प ने ईरान के तेल निर्यात से संबंधित एक ग्राफिक भी पोस्ट किया। इसमें दावा किया गया कि 2025 की शुरुआत में ईरान का तेल निर्यात करीब 20 लाख बैरल प्रतिदिन था, जो 2026 में बेहद निचले स्तर तक पहुंच गया है। ग्राफिक में कुछ समय के लिए सुधार के बाद निर्यात में दोबारा गिरावट दिखाई गई।
महंगाई और रियाल की गिरती कीमत पर हमला
ट्रम्प ने ईरान में महंगाई को लेकर भी पोस्ट किया। उन्होंने ग्राफिक के जरिए दावा किया कि देश गंभीर महंगाई की स्थिति से गुजर रहा है। एक अन्य पोस्ट में ईरानी रियाल की डॉलर के मुकाबले गिरती कीमत दिखाई गई।
ग्राफिक के मुताबिक, 2025 की शुरुआत में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत करीब 9 लाख ईरानी रियाल थी, जबकि दिखाए गए ताजा आंकड़ों में यह 22.7 लाख रियाल से अधिक हो गई।
खार्ग द्वीप को लेकर सबसे आक्रामक संदेश
ट्रम्प की सबसे आक्रामक पोस्ट ईरान के खार्ग द्वीप से जुड़ी रही। उन्होंने एक AI-जनरेटेड तस्वीर साझा की, जिसमें लड़ाकू विमान और तेल प्रतिष्ठानों के आसपास धमाके दिखाई दे रहे थे। तस्वीर पर “बाय-बाय खार्ग” लिखा था।
खार्ग द्वीप ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्रों में से एक है। यहां मौजूद तेल बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की स्थिति में ईरान के तेल कारोबार और राजस्व पर बड़ा असर पड़ सकता है।
ईरान को बताया कमजोर होता देश
अपनी अंतिम पोस्ट में ट्रम्प ने ईरान को कमजोर होता हुआ देश बताया। उन्होंने दावा किया कि ईरान की अर्थव्यवस्था और व्यवस्था लगातार दबाव में है और सरकार हालात को संभालने में नाकाम हो रही है।
लगातार की गई इन पोस्टों में ट्रम्प ने ईरान की तेल अर्थव्यवस्था, मुद्रा, महंगाई और रणनीतिक तेल केंद्रों को निशाना बनाया। इन बयानों से अमेरिका और ईरान के बीच पहले से जारी तनाव के और बढ़ने के संकेत मिले हैं।
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