चौडगरा, फतेहपुर। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव विनोद गुप्ता ने कहा कि वैश्य समाज को अब राजनीति में अपनी हिस्सेदारी और अधिकारों के लिए मजबूती से आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि आबादी के अनुपात में राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से समाज में नाराजगी है। जो राजनीतिक दल वैश्य समाज को उचित प्रतिनिधित्व देंगे, समाज उन्हीं के साथ खड़ा होगा।
चौडगरा कस्बे के गुप्ता होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में विनोद गुप्ता ने कहा कि वैश्य समाज देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उनका कहना है कि देश और प्रदेश के राजस्व व कर संग्रह में समाज का बड़ा योगदान है। इसके बावजूद चुनाव के समय राजनीतिक दल समाज से आर्थिक सहयोग लेते हैं, लेकिन प्रतिनिधित्व और अधिकार देने के मामले में पीछे हट जाते हैं।
उन्होंने कहा कि व्यापारी और वैश्य समाज लगातार उत्पीड़न, असुरक्षा और राजनीतिक उपेक्षा का सामना कर रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए परिषद ने समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर रणनीति तैयार कर ली है।
विनोद गुप्ता ने बताया कि प्रदेश की वैश्य बहुल विधानसभा सीटों पर समाज की राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने के लिए मंडलीय सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। इन सम्मेलनों के माध्यम से समाज की एकजुटता और शक्ति का प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिषद जल्द ही प्रदेशव्यापी दौरा कर वैश्य समाज को एकजुट करने का अभियान चलाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि राजनीतिक दल वैश्य समाज को उसकी उचित हिस्सेदारी नहीं देते हैं तो परिषद लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और प्रदर्शन के माध्यम से अपनी मांग उठाएगी। उन्होंने वैश्य समाज के लोगों से राजनीति में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।
पत्रकार वार्ता के दौरान चंद्रशेखर गुप्ता, सीताराम गुप्ता, रामकुमार गुप्ता, मिथिलेश गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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