फतेहपुर। स्वर्णकार संघ के तत्वावधान में गुरुवार को भगवान विश्वकर्मा जयंती के पावन पर्व पर चौक स्थित हजारी लाल फाटक के अंदर भगवान विश्वकर्मा का पूजन धूमधाम, हर्षोल्लास एवं श्रद्धाभाव के साथ किया गया। पूरा परिसर भगवान विश्वकर्मा के जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन एवं विधि-विधान से मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर किया गया।
स्वर्णकार समाज के सभी सदस्यों ने अपने पारंपरिक औजारों एवं उपकरणों की पूजा कर भगवान विश्वकर्मा से कला-कौशल में निपुणता, व्यापार में उन्नति तथा परिवार में सुख-समृद्धि की कामना की। पूजन के उपरांत भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष बृजेश सोनी ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के प्रथम शिल्पकार, वास्तुकार और कारीगरी के अधिष्ठाता देवता हैं। उन्होंने कहा कि स्वर्णकार समाज का अस्तित्व शिल्पकला और कारीगरी पर टिका हुआ है। ऐसे में भगवान विश्वकर्मा का आशीर्वाद समाज के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने समाज की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि जब तक समाज संगठित रहेगा, तब तक सभी लोग अपने हक और सम्मान की रक्षा करने में सक्षम रहेंगे। उन्होंने समाज के लोगों से आपसी भाईचारा और एकता बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से रामदास सर्राफ, मयंक सोनी, मनीष सोनी, दीपक सोनी, पिंटू सोनी, चंद्रपाल, सूर्यभान सोनी, संजय जौहरी, मोनू सोनी, विकास सोनी, लल्लू सोनी, अनुज सोनी, बब्बा सोनी, सुभाष सोनी, रामसागर सोनी, विजय बहादुर सोनी, गोरे सोनी, राकेश सोनी, शरद सोनी, राजू सोनू, अजय सोनी, रामलाल सोनी, रोहन सोनी, शुभम सहित तमाम स्वर्णकार बंधु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना कर समाज, परिवार और व्यापार की उन्नति के लिए प्रार्थना की।
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