बागपत के लूम्ब गांव के अग्निवीर सोहित अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा पर तूफान से पेड़ गिरने से शहीद हो गए। उसी दिन उनके बड़े भाई मोहित यूपी पुलिस में सिपाही बने, जिससे परिवार में खुशी और गम का माहौल एक साथ छाया।

HighLights
- अग्निवीर सोहित अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान शहीद।
- बड़े भाई मोहित उसी दिन यूपी पुलिस में सिपाही बने।
- बागपत के लूम्ब गांव में खुशी और गम का माहौल।
बागपत। जिले के लूम्ब गांव निवासी 22 वर्षीय अग्निवीर सोहित की अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान चीन सीमा पर शनिवार की शाम में अचानक आए तूफान से पेड़ टूटकर गिरने से बलिदानी हो गया। उधर, बड़ा भाई रविवार को पासिंग आउट परेड में पास होने से यूपी पुलिस में सिपाही बन गया। अग्निवीर के निधन से स्वजनों में कोहराम मचा है तथा गांव में शोक है।
यह है पूरा मामला
लूम्ब गांव निवासी किसान मोहर सिंह गांव में परचून की दुकान करते हैं। उनका छोटा बेटा सोहित वर्ष 2023 में भारतीय सेना की ग्रेनेडियर रेजिमेंट में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुआ था। वर्तमान में उनकी अरुणाचल प्रदेश की चीन सीमा क्षेत्र में ड्यूटी थी। शनिवार शाम ड्यूटी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया।
तेज तूफान के चलते बड़ा पेड़ टूटकर उनके ऊपर गिर गया, जिससे वह गहरी खाई में गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया। सैन्य अधिकारियों ने तुरंत ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। वह वीरगति को प्राप्त हो गए।
उधर, बड़े भाई मोहित की बिजनौर में यूपी पुलिस की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद पासिंग परेड के बाद सिपाही की जिम्मेदारी मिली। जहां स्वजनों को एक तरफ खुशी मिली, वहीं दूसरी तरफ दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
परिजनों ने बताया कि फोन से सोहित के बलिदानी होने की रात आठ बजे सूचना मिली। स्वजन में कोहराम मच गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण व रिश्तेदार घर पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं। दुखद घटना से हर किसी की आंख नम है।
तीन भाई बहनों में छोटा था बलिदानी अग्निवीर सोहित
लूम्ब गांव के बलिदानी हुए अग्नि वीर सोहित तीन बहन भाइयों में तीसरे नंबर का था। सबसे बड़ी बहन की करीब दो साल पहले शादी हो गईं। बडा भाई मोहित की रविवार यूपी पुलिस ट्रेनिंग पूर्ण होने के बाद बिजनौर में पासिंग आउट परेड पास की।
परिवार जहां बड़े बेटे की सफलता की खुशी मनाने की तैयारी कर रहा था, वहीं छोटे बेटे के बलिदानी होने की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। एक ही दिन घर में खुशी व गम दोनों का माहौल बन गया।
बलिदानी सोहित का पार्थिव शरीर सोमवार दोपहर तक गांव पहुंचने की संभावना है। प्रशासन एवं सेना के अधिकारियों द्वारा पार्थिव शरीर को सम्मान के अंतिम संस्कार किया जाएगा।
पिता ने दोनों बेटों को दी थी देशभक्ति की सीख
बलिदानी अग्निवीर सोहित के पिता मोहर सिंह ने सीमित संसाधनों के बावजूद दोनों बेटों को मेहनत, अनुशासन और देशभक्ति की सीख दी। ग्रामीण विकास, राज सिंह, विकी आदि ने बताया कि सोहित बचपन से ही देश सेवा का सपना देखते था। वह मेहनती, सरल स्वभाव और अनुशासित युवक था। कम उम्र में उन्होंने सेना में भर्ती होकर परिवार और गांव का नाम गर्व से ऊंचा किया।
सांसद ने दी सांत्वना
सांसद डाॅ. राजकुमार सांगवान ने पीडित मोहर सिंह के घर जाकर पीडितों को बेटे के बलिदान पर सांत्वना देकर ढांढस बंधया।
उन्होंने कहा कि दुख की घड़ी में हम सब पीड़ित परिवार के साथ हैं। स्वजन को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन भी
दिया।
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