कानपुर। दशहरा पर्व को लेकर कानपुर के परेड मैदान में रामलीला आयोजन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इस बार यहां 110 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। पुतले को करीब दो महीने से तैयार किया जा रहा है और इसका अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
रावण के पुतले का करीब 90 फीट ऊंचा धड़ और सिर तैयार हो चुका है। दोनों हिस्सों को जोड़ने के बाद इसकी कुल ऊंचाई 110 फीट हो जाएगी। पुतले को आकर्षक बनाने के लिए रंगीन कागज, लाइटिंग और अन्य सजावटी सामान लगाए जा रहे हैं।
180 डिग्री तक घूमेगा रावण का सिर
इस बार रावण के पुतले में कई विशेष आकर्षण भी देखने को मिलेंगे। दहन के दौरान उसका सिर करीब 180 डिग्री तक दाएं-बाएं घूमेगा। पुतले में लगभग 1000 से 1500 आतिशी उपकरण लगाए जाने की तैयारी है। रोशनी के साथ रावण के मुंह से फूल और प्रतीकात्मक अंगारे निकलने की व्यवस्था भी की जा रही है।
मुस्लिम कारीगर तैयार कर रहे पुतला
रावण के पुतले को तैयार करने में मुस्लिम कारीगरों की टीम जुटी हुई है। करीब 20 कारीगर पिछले दो महीने से निर्माण कार्य में लगे हैं। कारीगरों के मुताबिक हर साल रामलीला के लिए पुतले तैयार किए जाते हैं और इस बार भी कोशिश है कि पुतला दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने।
कारीगरों की टीम ने रावण के धड़, सिर और अन्य हिस्सों का ढांचा तैयार कर लिया है। अब रंगीन कागज चढ़ाने, लाइटिंग और अंतिम सजावट का काम किया जा रहा है।
80-80 फीट के होंगे मेघनाद और कुंभकर्ण
रामलीला मैदान में रावण के साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले भी तैयार किए जा रहे हैं। दोनों पुतलों की ऊंचाई करीब 80-80 फीट रखी गई है। इसके अलावा दहन कार्यक्रम के लिए लगभग 30 फीट ऊंची और 100 फीट चौड़ी लंका का भी निर्माण किया जा रहा है।
दशहरा के दिन इन पुतलों के दहन के दौरान होने वाली रोशनी और विशेष गतिविधियां दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण रहेंगी। आयोजन को लेकर मैदान में मंच और अन्य व्यवस्थाओं का काम भी तेजी से चल रहा है।
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