फतेहपुर। रबी 2026-27 में पशुपालकों को चारा उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग की ओर से अतिरिक्त चारा विकास कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। राज्य योजना के तहत जिले में कुल 200 लाभार्थी पशुपालकों का चयन किया जाना है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए पशुपालक के पास कम से कम दो दुधारू पशु होना अनिवार्य है। इसके साथ ही चारा उत्पादन के लिए 0.1 से 0.5 हेक्टेयर तक भूमि और सिंचाई की व्यवस्था उपलब्ध होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि पात्र लाभार्थियों के चयन में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक समुदाय के व्यक्तियों तथा महिलाओं की उपलब्धता के अनुसार उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा पीसीडीएफ के अंतर्गत संचालित क्रियाशील दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के ऐसे सदस्यों को भी प्राथमिकता दी जा सकती है, जो संबंधित दुग्ध समिति को एक वर्ष से अधिक समय से दूध की आपूर्ति कर रहे हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि योजना का उद्देश्य पशुपालकों को अपने पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में हरा और पौष्टिक चारा उपलब्ध कराने के साथ-साथ चारा उत्पादन को बढ़ावा देना है। इससे पशुओं के पोषण में सुधार के साथ पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाने में भी मदद मिलेगी।
पात्र एवं इच्छुक पशुपालक अपने क्षेत्रीय पशु चिकित्साधिकारी से संपर्क कर योजना से संबंधित आवश्यक प्रपत्र प्राप्त कर सकते हैं। पशुपालन विभाग ने पात्र पशुपालकों से अपील की है कि योजना का लाभ लेने के लिए समय से संबंधित पशु चिकित्साधिकारी से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें।
News Wani
