फतेहपुर। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) की ओर से राज्यपाल को संबोधित दो अलग-अलग ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपे गए। इनमें दो अलग-अलग मामलों को लेकर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की गई। पहले मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी के संबंध में की गई कथित टिप्पणी पर आपत्ति जताई गई। वहीं, दूसरे मामले में थरियांव थाना क्षेत्र में पुष्पा देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर ससुराली पक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई।
जिलाध्यक्ष मोहिउद्दीन एडवोकेट के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि अखिलेश यादव द्वारा असदुद्दीन ओवैसी को रावण कहे जाने की टिप्पणी अशोभनीय है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में रोष है। पार्टी की ओर से इस मामले में उचित संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।
दूसरे मामले में ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाया गया कि मुकदमा संख्या 223/2026, धारा 103(1) एवं 123 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), थाना थरियांव से संबंधित प्रकरण में राजाराम लोधी की पुत्री पुष्पा देवी को कथित तौर पर जहर देकर ससुराली पक्ष ने हत्या कर दी। ज्ञापन में स्थानीय पुलिस पर आरोपियों के साथ मिलीभगत कर उचित कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई।
ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से दोनों मामलों में हस्तक्षेप कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की अपील की गई।
इस मौके पर अताउल्ला, कासिम सिद्दीकी, मो. हसीब, मो. शाह फैसल, अरबाज अहमद, मो. निजामुद्दीन, रईस अहमद, मो. अनवर, मो. आफताब रजा, अयान, रियाज खान, राजाराम, अब्दुल कद्दूस, सलीम अंसारी, मो. असलम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
News Wani
