फतेहपुर। ग्राम सभा शाह में सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रघुराज ने की। इस दौरान महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए गए। वक्ताओं ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन, उनकी शिक्षाओं और रामायण के माध्यम से समाज को दिए गए संदेशों पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा को विकास का आधार बताया।
सामाजिक कार्यकर्ता धीरज कुमार ने कहा कि जब तक दुनिया में भगवान श्रीराम का नाम रहेगा, तब तक महर्षि वाल्मीकि को याद किया जाता रहेगा। उन्होंने रामायण की रचना कर भगवान श्रीराम के चरित्र को विश्व पटल पर उजागर किया। साथ ही माता सीता को आश्रय देकर उनके पुत्रों को शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राहुल मधुकर ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ज्ञान के प्रकाश पुंज हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि शिक्षा से ही व्यक्ति का सर्वांगीण विकास संभव है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश आंबेडकर ने भी महर्षि वाल्मीकि के साहित्यिक योगदान और शिक्षा के प्रसार में उनकी भूमिका पर अपने विचार रखे।
वहीं, मालती वाल्मीकि ने बच्चों को पेन और पुस्तकें वितरित कर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना कर पूरे विश्व को ज्ञान दिया और माता सीता को आश्रय प्रदान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रघुराज ने सभी लोगों से महर्षि वाल्मीकि के बताए मार्ग पर चलने और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर राहुल मधुकर, धीरज कुमार (पूर्व सभासद), प्रकाश आंबेडकर, मालती वाल्मीकि, सेवक लाल, मेवालाल, भोला प्रसाद, उर्मिला, राजेश, रंजीत, नैन्सी, रेनू, राजा, स्नेहा, सपना, तनु, हिमांशु, अमित, हितेश, रोहित, अनमोल, शुभम और विमल कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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