फतेहपुर। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी के चलते वाहन दुर्घटना से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने दोषसिद्ध अभियुक्तों को कोर्ट उठने तक की सजा सुनाई है। दोनों अभियुक्तों पर कुल 3,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत वैज्ञानिक विवेचना, साक्ष्य संकलन और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप यह कार्रवाई हुई।
पहले मामले में थाना कोतवाली में वर्ष 2013 में मुकदमा संख्या 30/2013 दर्ज किया गया था। इसमें विमल कुमार पुत्र गणेश प्रसाद, निवासी कालिकन मंदिर रोड, थाना कोतवाली के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 279 और 338 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले की सुनवाई के बाद 26 अक्टूबर को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने अभियुक्त को दोषसिद्ध करार देते हुए कोर्ट उठने तक की सजा सुनाई और 2,000 रुपये का अर्थदंड लगाया।
दूसरे मामले में थाना सुल्तानपुर घोष में वर्ष 2023 में मुकदमा संख्या 149/2023 दर्ज किया गया था। इसमें जयकरण उर्फ करण पुत्र गुलाब सिंह, निवासी मीरापुर मजरे सादात, थाना सुल्तानपुर घोष के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 279 और 337 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। इस मामले में भी 26 अक्टूबर को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने अभियुक्त को दोषसिद्ध करते हुए कोर्ट उठने तक की सजा सुनाई और 1,500 रुपये का अर्थदंड लगाया।
दोनों मामलों में पुलिस की मॉनिटरिंग सेल, संबंधित थानों के विवेचकों, कोर्ट पैरवी कर्मियों और अभियोजन अधिकारी प्रताप नारायण सिंह की प्रभावी पैरवी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिह्नित अपराधों में दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने के उद्देश्य से प्रभावी विवेचना और न्यायालय में मजबूत पैरवी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
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