वॉशिंगटन। अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को हुए मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सियासत को बड़ा झटका दिया है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों यानी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) और सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है। इस नतीजे को ट्रम्प प्रशासन की नीतियों के खिलाफ मतदाताओं की नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है।
मिडटर्म चुनाव में अमेरिकी मतदाताओं ने कांग्रेस की सभी 435 प्रतिनिधि सभा सीटों और सीनेट की 35 सीटों के लिए मतदान किया। चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी का दोनों सदनों में नियंत्रण था, लेकिन नतीजों ने सत्ता का समीकरण बदल दिया है।
ट्रम्प के लिए बढ़ेंगी राजनीतिक चुनौतियां
कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत गंवाने के बाद ट्रम्प प्रशासन के लिए आने वाले दो साल चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। अब डेमोक्रेटिक पार्टी सरकार की नीतियों, बजट, कानूनों और प्रशासनिक फैसलों पर अधिक प्रभाव डाल सकेगी। विपक्षी पार्टी को संसद में मजबूती मिलने से ट्रम्प के कई प्रस्तावों पर विरोध और राजनीतिक टकराव बढ़ने की संभावना है।
महंगाई और विदेश नीति बने अहम मुद्दे
चुनाव के दौरान महंगाई, आम लोगों की बढ़ती आर्थिक परेशानियां, ईरान के साथ युद्ध और सरकार की नीतियां प्रमुख मुद्दों में शामिल रहीं। इन मुद्दों को लेकर मतदाताओं के बीच असंतोष का असर चुनाव परिणामों में दिखाई दिया। डेमोक्रेटिक पार्टी की इस जीत से अमेरिकी राजनीति में नया शक्ति संतुलन बनने जा रहा है।
दोनों सदनों में बहुमत मिलने के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के पास ट्रम्प प्रशासन पर निगरानी रखने और सरकार के फैसलों को चुनौती देने के अधिक अवसर होंगे। हालांकि, चुनावी नतीजों के बाद भी कई सीटों पर मतगणना और अंतिम परिणामों की प्रक्रिया जारी रह सकती है।
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