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आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान का कहर, हजारों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़े; 30 उड़ानें रद्द

आंध्र प्रदेश, 3 नवंबर 2026। बंगाल की खाड़ी से उठा भीषण चक्रवाती तूफान मुरासु मंगलवार तड़के आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट से टकराया। ओंगोल के निकट तूफान का लैंडफॉल हुआ। इसके प्रभाव से तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। कई स्थानों पर हजारों पेड़ उखड़ गए, सैकड़ों बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए और सड़कों पर मलबा फैलने से यातायात प्रभावित हुआ।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान के दौरान हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जबकि कुछ स्थानों पर झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई। तूफान के कारण कई निचले इलाकों में पानी भर गया। खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। मछुआरों की नावें क्षतिग्रस्त होने की खबरें सामने आई हैं।

12 घंटे तक भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। तूफान के तट पार करने के बाद भी अगले कई घंटों तक तेज हवाएं और बारिश जारी रहने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने और समुद्र तट से दूर रहने की सलाह दी है।

प्रकाशम, बापटला, गुंटूर और पलनाडु समेत कई जिलों में तूफान का असर देखने को मिला। सड़कों पर पेड़ गिरने और जलभराव के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। बिजली आपूर्ति और संचार व्यवस्था को भी कुछ स्थानों पर नुकसान पहुंचा है।

30 उड़ानें रद्द, रेल यातायात भी प्रभावित

चक्रवाती तूफान के चलते हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा है। विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम, तिरुपति और चेन्नई से जुड़ी कम से कम 30 घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गईं। इसके अलावा एहतियात के तौर पर नौ ट्रेनों का संचालन भी रद्द किया गया। यात्रियों को यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन और रेलवे से जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

तूफान की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही तटीय क्षेत्रों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया था। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य की आपदा प्रबंधन टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। अधिकारियों को बिजली के टूटे तारों, गिरे पेड़ों और क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, तट पार करने के बाद चक्रवात धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, लेकिन इसका असर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

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