फतेहपुर। किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और उसके वैज्ञानिक प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कृषि विभाग आज विकासखंड परिसर असोथर में जनपद स्तरीय फसल अवशेष जागरूकता गोष्ठी आयोजित करेगा। कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शुरू होगा। इसमें कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान भाग लेंगे।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन-सिटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजिड्यू योजना के तहत आयोजित होने वाली इस गोष्ठी में कृषि वैज्ञानिक किसानों को पराली जलाने से पर्यावरण, मिट्टी की उर्वरा शक्ति और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देंगे। साथ ही फसल अवशेषों को खेत में सड़ाकर जैविक खाद के रूप में उपयोग करने और इससे होने वाले कृषि लाभों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।
कार्यक्रम में कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, रेशम, लघु सिंचाई, यूपी एग्रो, पीसीएफ, इफको, नाबार्ड, खादी ग्रामोद्योग, फसल बीमा कंपनी सहित विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं तथा कृषि से संबंधित बीज, उर्वरक, रसायन और कृषि यंत्र कंपनियों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
इन स्टॉलों पर किसानों को विभागीय योजनाओं, आधुनिक कृषि तकनीकों और उपलब्ध अनुदान से संबंधित जानकारी दी जाएगी। साथ ही जिन कृषि निवेशों पर अनुदान अनुमन्य है, उन्हें निर्धारित अनुदान पर उपलब्ध कराया जाएगा।
कृषि विभाग ने जनपद के किसानों से अधिक से अधिक संख्या में गोष्ठी में शामिल होकर आधुनिक फसल अवशेष प्रबंधन तकनीकों और कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है।
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