तेल अवीव। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर हुए हमले का पूरा घटनाक्रम सामने आया है। कैप्टन स्मित के मुताबिक, उड़ान के दौरान ओमानी को-पायलट ने नमाज करने की बात कही और उनके पीछे बैठ गया। कुछ मिनट बाद उसने अचानक कॉकपिट में उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद क्रू और यात्रियों ने हमलावर को काबू किया। विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। विमान में सवार सभी 174 लोग सुरक्षित बाहर निकल गए।
नेतन्याहू ने फोन कर कैप्टन स्मित की बहादुरी को सराहा
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित से फोन पर करीब छह मिनट बातचीत की। उन्होंने पायलट की बहादुरी और सूझबूझ की प्रशंसा करते हुए उन्हें भारत और इजराइल के लोगों का हीरो बताया।
नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजराइल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने और मशाल जलाने का न्योता भी दिया।
नमाज के कुछ मिनट बाद अचानक हुआ हमला
कैप्टन स्मित ने बातचीत में बताया कि उड़ान सामान्य तरीके से चल रही थी। इसी दौरान को-पायलट ने नमाज करने की बात कही। स्मित ने बताया कि उन्होंने इसे असामान्य नहीं माना, क्योंकि वह उनके पीछे बैठकर नमाज करने लगा।
करीब चार से पांच मिनट बाद उनके सिर के पीछे अचानक जोरदार वार हुआ। शुरुआत में उन्हें लगा कि विमान में कोई तकनीकी समस्या आ गई है, लेकिन लगातार वार होने के बाद उन्हें समझ आया कि हमला को-पायलट कर रहा है।
स्मित ने बताया कि चोट लगने के कारण उन्हें ठीक से दिखाई नहीं दे रहा था। इसी दौरान उन्हें महसूस हुआ कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है। वह कॉकपिट के फर्श पर गिर गए थे और विमान के नीचे जाने की आवाजें सुनाई दे रही थीं।
घायल हालत में कॉकपिट का दरवाजा खोला
हमले के बाद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। उनके मुताबिक, दरवाजा खोलने के लिए अंदर लगे नॉब तक पहुंचना जरूरी था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने नॉब तक हाथ पहुंचाया और उसे घुमाकर दरवाजा खोल दिया।
दरवाजा खुलने के बाद फ्लाइट क्रू और यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू किया। इसके बाद विमान पर दोबारा नियंत्रण हासिल किया गया और उसे सऊदी अरब के तबुक में उतारा गया।
इमरजेंसी में रखी कुल्हाड़ी से किया गया हमला
जांच में सामने आया कि हमले में विमान में आपात स्थिति के लिए रखी जाने वाली विशेष कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया गया। इसे आमतौर पर ‘क्रैश एक्स’ कहा जाता है। इसका इस्तेमाल आपात स्थिति में पैनल काटने या फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए किया जाता है।
शुरुआत में यात्रियों की जानकारी के आधार पर हमले में चाकू के इस्तेमाल की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में जांच में कुल्हाड़ी से हमला किए जाने की जानकारी सामने आई।
आरोपी को लेकर कट्टरपंथी विचारधारा की जांच
ओमान के रहने वाले को-पायलट हमाम अल-हमामी को हमले के बाद सऊदी अरब से UAE भेजा गया। उसके संभावित मकसद और पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां उसके कथित कट्टरपंथी विचारों, ऑनलाइन गतिविधियों और फिलिस्तीन समर्थक सामग्री से जुड़े दावों की भी जांच कर रही हैं। विमान को इजराइल में क्रैश करने की कथित योजना के दावे भी जांच का हिस्सा हैं। हालांकि, इन दावों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट में ड्यूटी मिलने पर भी सवाल
ओमान और इजराइल के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं। ऐसे में जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि ओमानी नागरिक हमाम अल-हमामी को तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई की उड़ान में को-पायलट की ड्यूटी कैसे मिली।
हमले के बाद इस मामले की जांच में कई सुरक्षा एजेंसियां जुटी हैं। आरोपी के प्रशिक्षण और पूर्व विमानन करियर से जुड़ी जानकारी भी खंगाली जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी भी कर चुके हैं कैप्टन स्मित से बातचीत
इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित से वीडियो कॉल पर बातचीत कर उनका हाल जाना था। बातचीत में स्मित ने बताया था कि मुश्किल समय के दौरान वह हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे और उन्हें विश्वास था कि ईश्वर ने उनकी और विमान में मौजूद यात्रियों की रक्षा की।
कैप्टन स्मित मुंबई के रहने वाले हैं और उन्हें करीब 15 वर्षों का उड़ान अनुभव बताया गया है। हमले के बावजूद विमान को सुरक्षित संभालने और यात्रियों की जान बचाने के लिए उनकी बहादुरी की व्यापक सराहना हुई है।
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