महोबा। जलविहार मेले के सांस्कृतिक मंच पर नन्हे मुन्हे बच्चों का बूगी बूगी डांस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस रंगारंग कार्यक्रम में 5 से 14 वर्ष की उम्र के लगभग डेढ सैकडा से अधिक बाल कलाकारों ने भाग लिया और अपने बेहतरीन डांस से मौजूद दर्शकों को तालिया बजाने के लिए मजबूर कर दिया। प्रतियोगिता दौरान अतिथियों ने प्रतिभाग करने वाले बच्चों का हौसला अफजाई भी किया।
बूगी बूगी प्रतियोगिता का शुभारंभ एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर, उपजिलाधिकारी अनिरुद्ध सिंह सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा पटनाहा, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अवधेश मिश्रा, जितेंद्र मिश्र, ब्रजेश मिश्रा, विकास तिवारी व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्जलित कर किया। इसके बाद प्रतियोगिता में क्षेत्र के 5 से 14 वर्ष के करीब 140 बच्चों ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को मोहित किया। प्रतियोगिता में रूही, कविता, पिंकी, रोशनी, हरिओम, महेंद्र, प्रकाश आदि बच्चों ने बालीवुड गीतों पर डांस की प्रस्तुति दी। बूगी बूगी प्रतियोगिता को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक और उनके माता पिता उपस्थिति रहे। प्रतियोगिता के सिंगल और ग्रुप डांस के जरिए बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाई।
कार्यक्रम दौरान एमएलसी ने कहा कि आज कल पढ़ाई के साथ साथ ऐसी प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करना छात्र छात्राओं के लिए जरूरी है। प्रतियोगिताएं बच्चों के छिपी अन्य प्रतिभाएं उनके भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभाती है। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता ने कहा कि बच्चों के मानसिक और सर्वांगीण विकास के लिए प्रतियोगिताओं में भाग लेना बेहद आवश्यक है। अक्सर बच्चे प्रतिभा होने के बावजूद मंच पर आने या दूसरों के सामने बोलने से कतराते हैं। कहा कि प्रतियोगिताओं का मुख्य उद्देश्य जीतना या हारना नहीं, बल्कि बच्चों के मन से इसी झिझक और डर को खत्म करना होता है। डांस से शारीरिक विकास के साथ मानसिक विकास होता है, क्योंकि डांस से शरीर का संपूर्ण व्यायाम हो जाता है। कहा कि डांस बच्चों को अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करने और गति के माध्यम से अपनी कल्पना का उपयोग करने का अवसर देता है। कार्यक्रम की जज खुशबू अरजरिया ने बताया कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों को पुरस्कार दिए जाएंगे।

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