फतेहपुर। हसवा कस्बे में ऐतिहासिक 226 वर्षों से लगातार श्री स्वामी चन्नादास रामलीला कमेटी के तत्वावधान में आयोजित दस दिवसीय रामलीला का अंतिम दिन धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का मंचन किया गया। रामलीला के अंतिम दिन आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु लीला देखने पहुंचे।
श्रीरामचरितमानस वंदना और आरती के बाद 14 वर्षों का वनवास पूरा कर भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण अयोध्या लौटे। यहां उन्होंने अपनी माताओं कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद भगवान श्रीराम ने भरत और शत्रुघ्न को गले लगाया। चारों भाइयों के मिलन का भावुक दृश्य देखकर वहां मौजूद दर्शक भी भावविभोर हो गए और कई लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े।
इसके बाद भगवान श्रीराम और लक्ष्मण ने अयोध्यावासियों से मुलाकात की। प्रभु के आगमन से पूरी अयोध्या में खुशी का माहौल छा गया। गुरुजनों के निर्देशानुसार श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारियां शुरू हुईं। विधि-विधान से पूजा-अर्चना और मंत्रोच्चारण के बीच भगवान श्रीराम को अयोध्या के राजसिंहासन पर विराजमान कराया गया। प्रभु श्रीराम के सिंहासन पर बैठते ही पूरा परिसर जय श्रीराम और माता सीता के जयकारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष उदय भान सिंह, कोषाध्यक्ष, महामंत्री और संरक्षक सहित अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने बारी-बारी से भगवान की आरती उतारी। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भी प्रभु श्रीराम के राजतिलक के अवसर पर आरती कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
परंपरा के अनुसार रामलीला के अंतिम दिन कमेटी की ओर से इस वर्ष की कुल आय और कुल व्यय का पूरा विवरण भी प्रस्तुत किया गया। इसके बाद कमेटी के पदाधिकारियों ने मंडल सहित सभी सदस्यों और आयोजन से जुड़े लोगों को माल्यार्पण कर अंगवस्त्र भेंट किए तथा सम्मानित किया।
कार्यक्रम के अंत में रामलीला कमेटी की परंपरा के अनुसार अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह कछवाहा का पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर नए अध्यक्ष का चयन किया गया। कमेटी के सभी सदस्यों की सर्वसम्मति से वर्तमान उपाध्यक्ष उदय भान सिंह सेंगर को नया अध्यक्ष घोषित किया गया। इस घोषणा के बाद उपस्थित लोगों ने उनका स्वागत किया और शुभकामनाएं दीं।
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