फतेहपुर। प्रधानाचार्य एवं प्रधानाध्यापक भर्ती प्रक्रिया में आवेदन करने वाले शिक्षकों को अनुभव प्रमाण पत्र बनवाने में हो रही परेशानियों को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने आवाज उठाई है। संगठन ने अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की मांग की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री, माध्यमिक शिक्षा मंत्री सहित शासन और विभाग के उच्चाधिकारियों तथा उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष को पत्र भेजा गया है।
संगठन का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में आवेदन करने वाले शिक्षकों को अनुभव प्रमाण पत्र बनवाने के लिए विभिन्न अभिलेखों के सत्यापन और अनावश्यक औपचारिकताओं से गुजरना पड़ रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग रहा है, जिससे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करने में दिक्कतें आ रही हैं। कई पात्र शिक्षकों को प्रमाण पत्र जारी होने में देरी के कारण भर्ती प्रक्रिया से वंचित होने की आशंका सता रही है।
शिक्षक संघ ने मांग की है कि संबंधित शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में दर्ज प्रमाणित अभिलेखों के आधार पर उनके अनुभव का सत्यापन कर प्रमाण पत्र जारी किया जाए, ताकि शिक्षकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
जिलाध्यक्ष आलोक शुक्ल ने कहा कि शिक्षकों की वर्षों की सेवा और अनुभव का पूरा विवरण उनकी सेवा पुस्तिका में दर्ज रहता है। ऐसे में अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने के लिए उन्हें अनावश्यक प्रक्रियाओं में उलझाना उचित नहीं है। संगठन शिक्षकों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी पात्र शिक्षक को प्रशासनिक शिथिलता या अनावश्यक औपचारिकताओं के कारण चयन प्रक्रिया में शामिल होने के अवसर से वंचित नहीं होना चाहिए।
इस संबंध में जिलाध्यक्ष आलोक शुक्ल, जिला मंत्री अमित कुमार सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कमल सिंह चौहान एवं अतुल सिंह यादव, कोषाध्यक्ष बलराम और आय-व्यय निरीक्षक देवी प्रसाद ने संयुक्त रूप से पत्र भेजकर प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग उठाई है।
News Wani
