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लाल किले की सुरक्षा में चूक: मॉक ड्रिल में डमी बम नहीं पकड़ पाए जवान, 7 पुलिसकर्मी सस्पेंड

दिल्ली: दिल्ली के लाल किले की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी एक डमी बम का पता नहीं लगा पाए। इसके बाद कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। घटना 2 अगस्त की है। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम को लेकर पुलिस रोजाना अभ्यास करती है। स्पेशल सेल की एक टीम शनिवार को सादे कपड़ों में मॉक ड्रिल के लिए पहुंची थी। वे अपने साथ एक नकली बम लेकर लाल किले में दाखिल हुए। उस समय, लाल किले की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी बम डिटेक्ट नहीं कर सके। पुलिसकर्मियों को सुरक्षा में लापरवाही बरतने के कारण निलंबित कर दिया गया है। लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह आयोजित होता है। इसमें पीएम मोदी देश को संबोधित करते हैं। दिल्ली पुलिस आयुक्त एसबीके सिंह ने स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले सुरक्षा उपायों के तहत 2 अगस्त से 16 अगस्त तक लाल किले को नो फ्लाई जोन घोषित किया है। बयान के मुताबिक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत पैरा-ग्लाइडर, पैरा-मोटर्स, हैंग-ग्लाइडर, यूएवी, यूएएस, माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट, रिमोट से संचालित एयरक्राफ्ट, हॉट एयर बैलून, छोटे आकार के एयरक्राफ्ट उड़ाने पर रोक रहेगी।

स्क्वॉड प्रभारी सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र डोगरा ने बताया: इस बार दिल्ली पुलिस डॉग स्क्वॉड ने भी स्वतंत्रता दिवस के लिए स्निफर डॉग्स को खास ट्रेनिंग दी है। 27 जुलाई को स्क्वॉड प्रभारी सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र डोगरा ने बताया था कि कुत्तों को अब विस्फोटकों का पता चलने पर चुपचाप प्रतिक्रिया करने, जैसे अपनी पूंछ हिलाना या अपने हैंडलर की ओर देखने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है। क्योंकि कुछ प्रकार के विस्फोटक भौंकने जैसी तेज आवाज से भी एक्टिव हो सकते हैं। दिल्ली पुलिस डॉग स्क्वॉड के पास फिलहाल 64 कुत्ते हैं – 58 विस्फोटकों का पता लगाने के लिए, 3 नशीले पदार्थों का पता लगाने के लिए और 3 अपराधियों का पता लगाने के लिए ट्रेंड हैं। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा बनाए रखने में मदद के लिए इन कुत्तों को लाल किला और चांदनी चौक क्षेत्र समेत विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया जाता है। परंपरा के अनुसार भारत के प्रधानमंत्री स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली के लाल किले पर तिरंगा फहराते हैं और राष्ट्र को संबोधित करते हैं। यह लगातार 12वीं बार है, जब पीएम मोदी स्वतंत्रता दिवस पर भाषण देंगे। इसके साथ ही वे जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे प्रधानमंत्री बनेंगे। इस बार पीएम ने मुख्य भाषण के लिए लोगों से सुझाव मांगे हैं। उन्होंने एक x पोस्ट में लिखा है कि आप इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस भाषण में किन विषयों या विचारों को प्रतिबिंबित होते देखना चाहेंगे, नमो एप या माय GoV पर बताएं। पिछले साल, भारत के 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, प्रधानमंत्री मोदी का भाषण ‘विकसित भारत @ 2047’ की थीम पर आधारित था, जिसका उद्देश्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के सरकारी प्रयासों को गति देना था। पीएम मोदी ने बतौर प्रधानमंत्री 11वें स्वतंत्रता दिवस पर 103 मिनट का सबसे लंबा भाषण दिया। पहली बार उन्होंने लालकिले से 100 मिनट से ज्यादा की स्पीच दी है। चार बार (2016, 2019, 2022, 2023) 90 मिनट से ज्यादा का भाषण दिया है। सबसे छोटा भाषण साल 2014 का है, जब मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने थे। तब उन्होंने 65 मिनट की स्पीच दी थी।

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