-पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास, दिल्ली दंगों के चर्चित हत्या मामले में पहली बार आया बड़ा फैसला।
नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के चर्चित आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। करीब छह साल बाद आए इस फैसले को दिल्ली दंगों से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों में माना जा रहा है।
यह मामला दिल्ली दंगों के दौरान हुई हत्या के उन प्रमुख मामलों में शामिल था, जिन पर पूरे देश की नजर थी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि उपलब्ध गवाहों, तकनीकी साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर आरोप सिद्ध हुए हैं।
पीड़ित परिवारों में बढ़ी उम्मीद
इस फैसले के बाद दंगों में जान गंवाने वाले अन्य पीड़ित परिवारों को भी न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों में कुल 53 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई गंभीर मामलों में अब भी सुनवाई जारी है।
फांसी नहीं, उम्रकैद की सजा
अदालत ने मामले को “रेयरेस्ट ऑफ द रेयर” श्रेणी में मानने से इनकार करते हुए दोषियों को मृत्युदंड नहीं दिया। हालांकि अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
अन्य मामलों में भी हुई कार्रवाई
दिल्ली दंगों से जुड़े कुछ अन्य मामलों में भी अदालतें पहले सजा सुना चुकी हैं। इनमें भीड़ द्वारा हिंसा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे मामलों में दोषियों को जेल भेजा गया था। हालांकि अंकित शर्मा हत्याकांड को दंगों से जुड़े सबसे चर्चित और अहम मामलों में माना जाता है।
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