वॉशिंगटन डीसी/तेहरान/तेल अवीव। मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल इस सप्ताह ईरान के ऊर्जा ढांचे पर बड़ा सैन्य हमला कर सकते हैं। संभावित हमलों में बिजली संयंत्रों और तेल रिफाइनरियों को प्रमुख निशाना बनाए जाने की बात कही जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस सैन्य रणनीति पर शुक्रवार को कैंप डेविड में आयोजित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कैबिनेट बैठक में भी चर्चा हुई। बैठक के बाद ट्रम्प ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अमेरिका ईरान पर “बहुत जोरदार हमला” करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अब उन्हें ईरान पर कोई भरोसा नहीं रहा, क्योंकि ईरानी नेतृत्व बातचीत की बात करता है लेकिन अपने वादों पर कायम नहीं रहता।
ईरान ने दी कड़ी चेतावनी
ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हमला किया गया तो उसका जवाब पूरी ताकत के साथ दिया जाएगा। अधिकारी के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई में अमेरिका और इजराइल के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों और रणनीतिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाएगा।
पिछले 24 घंटे के प्रमुख घटनाक्रम
● जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री से की बातचीत
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में कारोबारी जहाजों और उन पर तैनात नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
● संघर्ष में 16 भारतीय नागरिकों की मौत
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान अब तक 16 भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है। इनमें 10 भारतीय नाविक भी शामिल हैं। इसकी जानकारी केंद्र सरकार ने संसद में दी।
● पेंटागन ने मांगी 18.2 अरब डॉलर की फंडिंग
अमेरिकी रक्षा विभाग ने युद्ध के दौरान इस्तेमाल हुई मिसाइलों के भंडार को दोबारा भरने के लिए 18.2 अरब डॉलर (करीब 1.59 लाख करोड़ रुपये) की आपात फंडिंग की मांग की है।
● IRGC के पांच सदस्यों के शव ईरान पहुंचे
ईरानी मीडिया के अनुसार, इराक में हालिया हमलों में मारे गए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पांच सदस्यों के शव शुक्रवार को ईरान लाए गए।
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