लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर सोमवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने उनके पुतले पर कालिख पोती और चप्पलों से पीटा। पुलिस ने पुतला जलाने से पहले ही उसे अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक भी हुई।
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में बड़े पैमाने पर वोटों की गड़बड़ी हुई है और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। ये आरोप प्रदर्शनकारियों के हैं; इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठाते रहेंगे। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे भी लगाए गए।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर अभद्रता और कपड़े फाड़ने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य प्रदर्शन को नियंत्रित करना बताया गया।
दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शन पिछले कुछ दिनों से जारी हैं। लखनऊ में भी चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए हैं।
लखनऊ में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध का सिलसिला तेज हुआ है। 25 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी हजरतगंज में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई थी और कई लोगों को हिरासत में लिया गया था।
अब सोमवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया। हजरतगंज चौराहे पर कार्यकर्ताओं ने CEC के पुतले पर कालिख पोती और उसे चप्पलों से पीटा। पुलिस ने पुतला जलाने से पहले ही अपने कब्जे में ले लिया। प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक हुई।
‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर विपक्ष का विरोध
सपा कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठाते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि चुनाव में बड़े पैमाने पर वोटों की गड़बड़ी हुई है। हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।
इससे पहले कांग्रेस ने भी अपने प्रदर्शन को कथित ‘वोट चोरी’ और चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों से जोड़ा था। कांग्रेस नेताओं ने CEC के इस्तीफे की मांग की थी।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
सोमवार के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को मौके से हटाया और हिरासत में लेकर इको गार्डन भेजा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर अभद्रता करने के आरोप लगाए। वहीं, पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखना था।
सपा नेताओं ने जारी रखने की बात कही विरोध
सपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की गई। पार्टी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध बताया।
वहीं, हाल के दिनों में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को लेकर बयान दे चुके हैं।
नोट: ऊपर जोड़े गए ताजा घटनाक्रम में उपलब्ध रिपोर्टों और आपके दिए मूल समाचार के बीच अंतर स्पष्ट रखा गया है। राजनीतिक दलों के आरोपों को आरोप के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है।
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