निर्माण श्रमिकों एवं उनकी पुत्रियों के विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से सोमवार को जिलाधिकारी श्रीमती निधि गुप्ता वत्स की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की कन्या विवाह सहायता योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र अनिवार्य दस्तावेज है। समय पर यह प्रमाण-पत्र प्रस्तुत न होने पर आवेदन निरस्त हो जाते हैं, जिससे पात्र निर्माण श्रमिक योजना के लाभ से वंचित रह जाते हैं। इसलिए विवाह पंजीकरण एवं प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विवाह पंजीकरण से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर उनका शीघ्र निस्तारण करने तथा प्रमाण-पत्र जारी करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
बैठक में समस्त श्रम प्रवर्तन अधिकारी, सभी उप-पंजीयक (उप रजिस्ट्रार) एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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