न्यूज़ वाणी ब्यूरो बांदा। बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कृषि अभियांत्रिकी एवं तकनीकी महाविद्यालय में नवप्रवेशित बीटेक कृषि अभियांत्रिकी के विद्यार्थियों के लिए आयोजित 15 दिवसीय विद्यार्थी प्रेरण कार्यक्रम ‘दीक्षारंभ–2026’ का सफलतापूर्वक समापन हो गया। 17 से 31 अक्टूबर तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, संस्थागत गतिविधियों, उपलब्ध सुविधाओं और कृषि अभियांत्रिकी के आधुनिक तकनीकी पहलुओं से परिचित कराना था।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की छठी डीन समिति की संस्तुतियों के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ शिक्षकों ने कुल 20 ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिए। इनमें कृषि अभियांत्रिकी में रोजगार एवं करियर की संभावनाओं, विश्वविद्यालय के उद्देश्य और मूल्यों, शैक्षणिक नियमों, परीक्षा प्रणाली, उपस्थिति एवं मूल्यांकन व्यवस्था, छात्रवृत्ति, छात्र कल्याण, प्रयोगशाला और अनुसंधान सुविधाओं जैसे विषयों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा और समय प्रबंधन के प्रति भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान आठ सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यचर्या गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा तथा रचनात्मक कौशल का प्रदर्शन किया। वाद-विवाद, संगीत, प्रश्नोत्तरी, कविता पाठ और मॉडल निर्माण जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रुचियों और क्षमताओं को निखारने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के अंतिम दिन ‘ग्रीन होराइजन’ (हरित क्षितिज) थीम पर पौधरोपण अभियान आयोजित किया गया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर के महत्व का संदेश दिया गया।
समापन सत्र में कृषि अभियांत्रिकी एवं तकनीकी महाविद्यालय के सह-अधिष्ठाता डॉ. रमेश पाल, मृदा एवं जल संरक्षण अभियांत्रिकी विभाग के सह-प्राध्यापक डॉ. संजीव कुमार तथा पाठ्यक्रम प्रशिक्षक एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. नीलम बुनकर सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। डॉ. दानिएल पी. कुशवाहा और डॉ. जे. हिमांशु राव ने सह-समन्वयक के रूप में कार्यक्रम के सफल संचालन में योगदान दिया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने 15 दिनों के दौरान प्राप्त अनुभवों और सीख को साझा किया। कार्यक्रम के माध्यम से नवप्रवेशित विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, रचनात्मकता और सामूहिक कार्य करने की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया।
‘दीक्षारंभ–2026’ विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से जोड़ने और उनके भविष्य की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
News Wani
