न्यूज़ वाणी ब्यूरो बांदा। दीपावली के त्योहार पर स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और स्थानीय कारीगरों को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बांदा में मंडल स्तरीय खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी एवं क्षेत्रीय माटी कला मेले का आयोजन किया जा रहा है। शहर के बाबूलाल चौराहे के पास स्थित राइफल क्लब मैदान में आयोजित यह मेला 10 नवंबर तक चलेगा। मेले में मिट्टी से बने पारंपरिक उत्पादों के साथ खादी, ग्रामोद्योग और ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार हस्तनिर्मित वस्तुओं की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई है।
माटी कला के 100 स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
माटीकला बोर्ड के अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि दीपावली को देखते हुए आयोजित इस मंडल स्तरीय मेले में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से कारीगर और हस्तशिल्पी अपने उत्पाद लेकर पहुंचे हैं। मेले में मिट्टी के दीये, देवी-देवताओं की मूर्तियां, सजावटी सामान और घरेलू उपयोग के बर्तन लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। माटी कला को बढ़ावा देने के लिए करीब 100 स्टॉल लगाए गए हैं।
इसके अलावा खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़े स्टॉलों पर जैविक उत्पाद, अचार, मुरब्बा, खादी के कपड़े और अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएं बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। मेले का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरी को प्रोत्साहित करने के साथ स्थानीय शिल्पकारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मिला मंच
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के डिप्टी कमिश्नर योगेंद्र कुमार ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मेले में 100 स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से महिलाओं द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को पहचान मिलती है और उनकी आमदनी बढ़ाने के अवसर भी पैदा होते हैं। मेले के माध्यम से लोगों से स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी करने और स्थानीय कारीगरों के हुनर को प्रोत्साहित करने की अपील की जा रही है।
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