मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में गुरुवार को इंदौर-भगत की कोठी रणथंभौर एक्सप्रेस में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रेन के एक जनरल कोच के पहियों से धुआं और चिंगारियां निकलती दिखाई दीं। घटना के बाद यात्रियों में दहशत फैल गई, हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी यात्री के घायल होने या किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इंदौर से जोधपुर जा रही रणथंभौर एक्सप्रेस (12465) गुरुवार सुबह करीब 9:45 बजे रतलाम जिले के लूनी-रिछा स्टेशन के पास से गुजर रही थी।
इसी दौरान ट्रेन के पिछले हिस्से में लगे एक जनरल कोच के पहियों के पास से चिंगारियां निकलती दिखाई दीं। स्थिति को देखते हुए लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए। ट्रेन रुकते ही संबंधित कोच के नीचे से धुआं निकलता दिखाई दिया। इससे यात्रियों में घबराहट फैल गई और कई यात्री अपना सामान लेकर जल्दी-जल्दी कोच से बाहर निकल आए। यात्री पास की रेलवे पटरियों पर पहुंच गए, जिससे कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में यात्री रेलवे ट्रैक के बीच खड़े दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि किसी ने ट्रेन में आग लगने की आशंका जताई थी, जिसके बाद लोग कोच छोड़कर बाहर निकल आए। उस समय समानांतर ट्रैक पर एक दूसरी ट्रेन भी खड़ी थी।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि रणथंभौर एक्सप्रेस का लूनी-रिछा स्टेशन पर निर्धारित ठहराव नहीं है। सूचना मिलते ही रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और ट्रेन की विस्तृत जांच की गई। करीब 20 मिनट तक ट्रेन रोके रखने के बाद उसे आगे के लिए रवाना कर दिया गया। रेलवे का कहना है कि धुआं निकलने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि इमरजेंसी ब्रेक लगने की वजह से यह स्थिति बनी होगी, लेकिन वास्तविक कारण विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। रणथंभौर एक्सप्रेस सुबह 6 बजे इंदौर से रवाना होती है और रात करीब 11 बजे जोधपुर पहुंचती है। इससे पहले 17 मई को भी रतलाम जिले में लूनी-रिछा और विक्रमगढ़ स्टेशन के बीच राजधानी एक्सप्रेस (12431) के बी-1 एसी कोच में आग लग गई थी। उस दौरान भी सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था और प्रभावित कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया था।
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