उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से कई शहरों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लखनऊ समेत प्रदेश के करीब 20 शहरों में बारिश के बाद सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। कई जगह सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, जबकि अस्पताल और मेडिकल कॉलेज परिसर में भी पानी घुस गया।
बारिश के चलते लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निचले इलाकों में पानी भरने से घरों और दुकानों तक भी जलभराव की स्थिति पहुंच गई। प्रशासन की ओर से जलनिकासी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से सभी 84 घाट पानी में डूब गए हैं। घाटों के संपर्क मार्गों पर भी पानी पहुंचने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है। ऐसे में जलभराव और नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बारिश के कारण कई जिलों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। कुछ इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से यातायात बाधित हुआ, जिन्हें हटाने के लिए नगर निकाय और बिजली विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले रास्तों और कमजोर पुलों से गुजरने से बचें।
स्कूलों और सरकारी कार्यालयों को लेकर भी स्थानीय स्तर पर निर्णय लिए जा रहे हैं। जिन इलाकों में पानी अधिक भर गया है, वहां राहत और बचाव दलों को तैनात किया गया है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अस्थायी राहत शिविर तैयार किए जा रहे हैं।
किसानों के लिए भी लगातार बारिश चिंता का कारण बनी हुई है। खेतों में पानी भरने से धान, सब्जियों और अन्य फसलों को नुकसान की आशंका है। कृषि विभाग ने किसानों को जलनिकासी की व्यवस्था करने और फसल संबंधी नुकसान की सूचना स्थानीय अधिकारियों को देने की सलाह दी है।
प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर लोगों से जलभराव, बिजली और सड़क से जुड़ी समस्याओं की जानकारी देने को कहा है। अधिकारियों के मुताबिक, बारिश थमने के बाद जलनिकासी का काम तेज किया जाएगा और प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन किया जाएगा।
News Wani
