Breaking News

गंगा का जलस्तर बढ़ा तो बच्चों की राह मुश्किल, नाव से स्कूल जाने पर पुलिस ने रोका

कानपुर। गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटरी क्षेत्र के गांवों में रहने वाले स्कूली बच्चों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शनिवार सुबह लोधवाखेड़ा ग्राम पंचायत के करीब 30-35 बच्चे रोज की तरह नाव से गंगा पार कर स्कूल जाने पहुंचे, लेकिन बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पुलिस ने उन्हें नाव से नदी पार करने से रोक दिया।

बच्चों को रोके जाने की सूचना मिलते ही नदी किनारे ग्रामीण और स्कूल ड्रेस में बच्चे जुट गए। स्थिति की जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान रवि निषाद भी मौके पर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। पुलिस का कहना था कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में बच्चों का नाव से नदी पार करना जोखिम भरा हो सकता है।

बातचीत के बाद बच्चों को लाइफ जैकेट पहनाकर मोटरबोट से सुरक्षित तरीके से स्कूल भेजने की व्यवस्था की गई। इस दौरान बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया।

पांच गांवों के बच्चे रोज करते हैं गंगा पार

लोधवाखेड़ा ग्राम पंचायत के मजरा देवनीपुरवा, चैनपुरवा, धारमखेड़ा, पहाड़ीपुर और छोटा मंगलपुर के करीब 30-35 बच्चे बेहतर शिक्षा के लिए प्रतिदिन नाव के सहारे गंगा पार कर शहर के स्कूलों में पहुंचते हैं। बच्चे परमट और बाबा घाट पर उतरकर स्कूल जाते हैं।

गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण अब बच्चों के सामने सुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंचने की चुनौती खड़ी हो गई है।

ग्रामीणों ने मांगी दो-तीन महीने की स्थायी व्यवस्था

ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर अभी और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में अगले दो से तीन महीने तक बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित परिवहन की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि जलस्तर बढ़ने के बावजूद उनकी पढ़ाई जारी रह सके।

ग्राम प्रधान रवि निषाद ने बताया कि पंचायत के करीब 30-35 बच्चे रोज गंगा पार करके स्कूल जाते हैं। शनिवार को पुलिस ने उन्हें नाव से जाने से रोका, जिसके बाद बातचीत कर लाइफ जैकेट पहनाकर मोटरबोट से बच्चों को स्कूल भेजा गया। उन्होंने प्रशासन से जलस्तर बढ़ने की स्थिति में बच्चों के लिए स्थायी और सुरक्षित व्यवस्था करने की मांग की है।

चेतावनी बिंदु के करीब पहुंचा गंगा का जलस्तर

शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 112.29 मीटर दर्ज किया गया है। यह चेतावनी बिंदु 113 मीटर से करीब 71 सेंटीमीटर नीचे है, जबकि खतरे का निशान 114 मीटर है। जलस्तर बढ़ने के कारण घाटों पर नहाने और बोटिंग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

About NW-Editor

Check Also

गंगा का जलस्तर बढ़ने से शुक्लागंज में बिगड़े हालात, 500 से अधिक घर बाढ़ की चपेट में

कानपूर। शुक्लागंज। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से उन्नाव के शुक्लागंज क्षेत्र के कई …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *