पाकिस्तान में बैठे कथित आतंकी हैंडलर शहजाद भट्टी को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की जांच में भारत में नेटवर्क खड़ा करने और युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए अपने साथ जोड़ने के आरोप सामने आए हैं। जांच के मुताबिक, नेटवर्क में शामिल लोगों को अलग-अलग जिम्मेदारियां देकर काम कराया जाता था और स्थानीय युवाओं के जरिए रेकी से लेकर हमलों तक की साजिश रची जाती थी।
रिपोर्टों के अनुसार, इस नेटवर्क का तरीका सीधे बड़े हमले करने के बजाय छोटे-छोटे मॉड्यूल तैयार कर दहशत फैलाने पर केंद्रित था। सोशल मीडिया के जरिए जरूरतमंद युवाओं से संपर्क करने, उन्हें प्रभावित करने और धीरे-धीरे नेटवर्क की गतिविधियों में शामिल करने के आरोप हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की जांच में पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों में इस कथित नेटवर्क की गतिविधियों के सुराग मिलने की बात सामने आई है। जालंधर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के घर हमले, सिरसा महिला थाने पर हमले और अंबाला कार ब्लास्ट जैसे मामलों में भी पाकिस्तान स्थित हैंडलरों और स्थानीय युवाओं के बीच संपर्क की जांच की गई है।
जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस नेटवर्क के संचालक युवाओं को पहले ऑनलाइन बातचीत के जरिए प्रभावित करते थे। इसके बाद उन्हें छोटे-छोटे काम सौंपे जाते थे, जिनमें संदिग्ध स्थानों की जानकारी जुटाना, लोगों की गतिविधियों पर नजर रखना और नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक संदेश पहुंचाना शामिल था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मॉड्यूल में शामिल लोगों को एक-दूसरे की पूरी जानकारी नहीं दी जाती थी। इससे किसी एक सदस्य की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा होने से बचने की कोशिश की जाती थी। जांच में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, सोशल मीडिया अकाउंट्स, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन चैट की भी पड़ताल की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि कथित नेटवर्क को आर्थिक मदद किस माध्यम से पहुंचाई जाती थी। इसके लिए संदिग्ध बैंक खातों, हवाला लेनदेन और डिजिटल वॉलेट से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि सीमा पार बैठे हैंडलर स्थानीय संपर्कों के जरिए धन और निर्देश पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं।
पंजाब, हरियाणा और आसपास के राज्यों में एजेंसियों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी है। संवेदनशील इलाकों में संदिग्ध किरायेदारों, नए सिम कार्ड और सोशल मीडिया पर सक्रिय संदिग्ध प्रोफाइल की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन संपर्क या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी अगस्त 2026 में शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई और देशभर में संदिग्धों की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। सुरक्षा एजेंसियां अब सीमा पार बैठे कथित हैंडलरों और भारत में उनके संपर्कों की कड़ियों को खंगाल रही हैं। मामले में आगे और गिरफ्तारियां तथा पूछताछ के बाद नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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