पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने इसे भारत के पक्ष में बनाई गई ‘प्रोपेगेंडा फिल्म’ करार दिया। उनका आरोप है कि डॉक्यूमेंट्री में केवल भारतीय पक्ष को प्रमुखता दी गई है और घटनाओं की पूरी तस्वीर सामने नहीं रखी गई।
15 अगस्त को रिलीज हुई ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ नाम की दो पार्ट वाली डॉक्यूमेंट्री में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की 88 घंटे लंबी सैन्य कार्रवाई की योजना और उसके क्रियान्वयन को दिखाया गया है। इसमें भारतीय सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने पहली बार कैमरे के सामने ऑपरेशन से जुड़े पहलुओं पर बात की है।
डॉक्यूमेंट्री में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह और डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई समेत कई सैन्य अधिकारी नजर आते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी ऑपरेशन से जुड़े घटनाक्रम पर जानकारी दी है।
पाकिस्तान ने सैन्य कार्रवाई के दावों पर जताई आपत्ति
अहमद शरीफ चौधरी ने आरोप लगाया कि डॉक्यूमेंट्री में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के परिणामों को अपनी सफलता के तौर पर पेश किया है। उन्होंने कहा कि भावनात्मक कहानी, चुनिंदा इंटरव्यू और वीडियो के जरिए सैन्य कार्रवाई को एकतरफा नजरिए से दिखाया गया है।
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि चार दिन चले संघर्ष के दौरान पाकिस्तान ने भारत के आठ सैन्य विमान गिराए थे। हालांकि, भारत पहले ही पाकिस्तान के इन दावों को खारिज कर चुका है।
सीजफायर को लेकर भी पाकिस्तान का अलग दावा
पाकिस्तान ने कहा कि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई DGMO स्तर की बातचीत के बाद रुकी थी। इसी आधार पर उसने डॉक्यूमेंट्री में संघर्ष को भारत की एकतरफा जीत के तौर पर पेश किए जाने पर सवाल उठाया।
पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ था तनाव
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। इसके बाद 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की। दोनों देशों के बीच तनाव और सैन्य संघर्ष बढ़ने के बाद 10 मई को DGMO स्तर की बातचीत के जरिए सीजफायर पर सहमति बनी।
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