फतेहपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दीवानी न्यायालय परिसर, ग्राम न्यायालय बिंदकी, वाह्य न्यायालय तथा तहसील सदर, खागा और बिंदकी में किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश सुधीर कुमार पंचम ने दीवानी न्यायालय परिसर स्थित मीटिंग हॉल में मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों एवं विभागों से संबंधित कुल 2,87,678 वादों का निस्तारण किया गया, जबकि ₹25,72,78,352 की धनराशि अर्थदंड, प्रतिकर व अन्य मदों में निर्धारित/वसूल की गई।

जनपद न्यायाधीश सुधीर कुमार पंचम ने 2 वादों का निस्तारण करते हुए ₹3,45,996 की धनराशि जमा कराई। प्रधान न्यायाधीश राजेश उपाध्याय ने 43 वैवाहिक वादों तथा अपर प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार मिश्रा द्वितीय ने 8 वादों का निस्तारण किया।
पीठासीन अधिकारी शिवचंद्र ने मोटर वाहन दुर्घटना से संबंधित 135 दावों का निस्तारण कर पीड़ित पक्षों को ₹10,18,79,602 का प्रतिकर दिलाया। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष पृथ्वी पाल यादव ने 2 वादों का निस्तारण कर ₹2,64,614 की धनराशि जमा कराई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम किशोर तृतीय ने एक वाद का निस्तारण कर ₹500 अर्थदंड जमा कराया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम मोहम्मद इलियास ने 2 वादों, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती पूजा विश्वकर्मा ने 2 वादों, विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट हरी प्रकाश गुप्त ने 89 वादों तथा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-4 श्रीमती चेतना चौहान ने एक वाद का निस्तारण किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार ने 9 दांडिक वादों का निराकरण कराया। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट महेंद्र कुमार द्वितीय ने एक दांडिक वाद का निस्तारण किया।
प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय सिंह ने 2 वादों का निस्तारण किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशुतोष द्वितीय ने 1,917 दांडिक वादों का निराकरण कराया। सिविल जज सीनियर डिवीजन आकांक्षा मिश्रा ने 11, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर-1 मोहम्मद साजिद द्वितीय ने 507, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर-2 दिव्या सिंह ने 206 दांडिक वादों तथा अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन ललिता यादव ने 166 वादों का निस्तारण कराया।

राजस्व न्यायालयों में 2.35 लाख से अधिक मामले निपटे
राष्ट्रीय लोक अदालत में राजस्व न्यायालयों की भी बड़ी भागीदारी रही। राजस्व न्यायालयों द्वारा 2,35,773 वादों का निस्तारण किया गया। नगरपालिका परिषद ने 1,307 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए ₹2,72,040 शुल्क वसूला।
बैंकिंग संस्थाओं ने 682 वादों का निस्तारण कर ₹7,18,68,000 की धनराशि वसूल की। विद्युत विभाग ने 761 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए ₹9,43,275 शुल्क लिया। श्रम विभाग ने 298 वादों का निस्तारण कर ₹44,16,712 का अर्थदंड वसूल किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन पर जनपद न्यायाधीश सुधीर कुमार पंचम, नोडल अधिकारी राम किशोर तृतीय तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पलाश गांगुली ने न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं एवं आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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