महोबा | मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनय कुमार तथा नोडल अधिकारी डॉ वी. के. चौहान के निर्देशन में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के उपलक्ष्य पर जागरूकता गोष्ठी एवं प्रश्न उत्तरी कार्यक्रम का आयोजन श्रीनगर स्थित एक महाविद्यालय में किया गया।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय श्रीनगर के प्राचार्य विश्वनाथ द्वारा किया गया | जागरुकता गोष्ठी में उपस्थित प्रेम दास (मनोचिकित्सक व सामाजिक कार्यकर्ता) एवं अंकिता गुप्ता नैदानिक मनोवैज्ञानिक द्वारा विभिन्न मानसिक रोगों व उनसे जुड़े लक्षणों की जानकारी दी गई । विशेषज्ञों ने अवसाद, अनिद्रा, नशे की लत, तनाव, चिंता, आत्महत्या की प्रवृत्ति ,परीक्षा से डर लगना ,पढ़ाई में मन न लगना, विषयों पर विस्तार से चर्चा की। आत्महत्या के प्रमुख कारणों में मानसिक अवसाद, नशा, रोजगार व करियर में असफलता, पारिवारिक/वैवाहिक समस्याएँ व गंभीर बीमारियाँ बताए गए। उन्होंने आत्म हत्या करने वाले लक्षण जैसे अपने आप में खोए रहना,नकारात्मक सोचना, झूट बोलना, बार -बार मरने की बात करना,निराश वादी बात करना, ख़ुद को चोट पहुंचाने तथा आत्महत्या की कोशिश करना, साथ ही मरीजों को मदद के तरीके भी समझाए गए, जैसे – अकेला न छोड़ना, सकारात्मक बातचीत, योग-ध्यान, क्रिएटिविटी में जोड़ना, तथा टेली मानस हेल्पलाइन नंबर 1800-891-4416 और 1800-599-0019 पर संपर्क करना। मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित प्रश्न उत्तरी कार्यक्रम के अन्तर्गत पुरस्कार वितरण किया गया | इस कार्यक्रम में कर्मचारियों व स्टाफ को पम्पलेट वितरित कर मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया गया।
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि मानसिक बीमारियों को छिपाने के बजाय उपचार के लिए आगे आएँ और समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करें। साथ ही बताया गया की मरीज जिला अस्पताल, कमरा नंबर 4 में हर सोमवार, बुधवार व शुक्रवार सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक परामर्श व इलाज हेतु संपर्क कर सकते हैं।

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