ग्रेटर नोएडा वेस्ट, 12 सितंबर 2026।
सनबीम स्कूल, दिलदारनगर के प्रधानाचार्य श्री दीपक कुमार साव को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट नेतृत्व, समर्पण, नवाचार एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘वर्ष 2026 के सर्वश्रेष्ठ प्रधानाचार्य’ के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान 12 सितंबर 2026 को द गौर सरोवर प्रीमियर, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में आयोजित द्वितीय राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन के अवसर पर प्रदान किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती मेधा रूपम, IAS, जिला मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), उत्तर प्रदेश थीं। राष्ट्रीय स्तर के इस शिक्षा सम्मेलन में शिक्षा जगत से जुड़े शिक्षाविदों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों एवं विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
श्री दीपक कुमार साव को यह सम्मान विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नवाचार एवं रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने तथा आलोचनात्मक चिंतन और कौशल विकास के क्षेत्र में किए जा रहे उनके निरंतर एवं उल्लेखनीय प्रयासों के लिए प्रदान किया गया। उनके नेतृत्व में सनबीम स्कूल दिलदारनगर विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ जीवन-मूल्यों, आत्मविश्वास और आवश्यक जीवन-कौशलों से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।
श्री साव का मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार, आत्मविश्वासी, संवेदनशील, रचनात्मक एवं सक्षम नागरिक के रूप में तैयार करना है। इसी दृष्टिकोण के अनुरूप विद्यालय में विद्यार्थियों के शैक्षणिक, बौद्धिक, सामाजिक एवं शारीरिक विकास के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष बल दिया जाता है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर सनबीम स्कूल के चेयरमैन श्री के. पी. सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्री दीपक कुमार साव को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान श्री साव की कड़ी मेहनत, प्रभावी नेतृत्व, समर्पण और शिक्षा के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सनबीम स्कूल दिलदारनगर ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण और विद्यार्थियों के समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के माध्यम से शिक्षा जगत में एक विशिष्ट पहचान स्थापित की है।
श्री के. पी. सिंह ने आगे कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करना है। विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सहयोग की भावना और सीखने की जिज्ञासा विकसित करना विद्यालय की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
इस अवसर पर सनबीम स्कूल, गाज़ीपुर के निदेशक श्री नवीन कुमार सिंह ने भी श्री दीपक कुमार साव को इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके दूरदर्शी नेतृत्व, निरंतर प्रयासों और शिक्षा के प्रति समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने कहा, “एक प्रधानाचार्य का नेतृत्व केवल विद्यालय के प्रशासन तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह विद्यार्थियों, शिक्षकों और पूरे विद्यालय परिवार को एक साझा उद्देश्य की ओर प्रेरित करता है। श्री दीपक कुमार साव ने अपने नेतृत्व में शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को जिस प्रकार प्राथमिकता दी है, वह अत्यंत सराहनीय है। ‘वर्ष 2026 के सर्वश्रेष्ठ प्रधानाचार्य’ का यह सम्मान उनके व्यक्तिगत योगदान के साथ-साथ सनबीम परिवार की शैक्षणिक प्रतिबद्धता का भी सम्मान है।”
श्री नवीन कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान बदलते शैक्षिक परिवेश में विद्यालयों की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं रह गई है। विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, अनुशासन, संवेदनशीलता और भविष्य की चुनौतियों से निपटने का कौशल विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सनबीम स्कूल दिलदारनगर इसी उद्देश्य के साथ शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नए आयाम स्थापित करता रहेगा।
‘वर्ष 2026 के सर्वश्रेष्ठ प्रधानाचार्य’ का यह राष्ट्रीय सम्मान न केवल श्री दीपक कुमार साव के लिए, बल्कि सनबीम स्कूल दिलदारनगर के संपूर्ण विद्यालय परिवार के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि विद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों की प्रतिबद्धता, विद्यार्थियों की मेहनत तथा अभिभावकों के विश्वास का भी प्रतिबिंब है।
यह सम्मान सनबीम स्कूल दिलदारनगर के सामूहिक प्रयासों को नई ऊर्जा प्रदान करेगा तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए विद्यालय परिवार को और अधिक समर्पण एवं उत्साह के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा।
सनबीम स्कूल दिलदारनगर की यह राष्ट्रीय उपलब्धि एक बार फिर इस तथ्य को रेखांकित करती है कि उत्कृष्ट नेतृत्व, समर्पित शिक्षक, नवाचारपूर्ण दृष्टिकोण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समन्वय से विद्यार्थियों के भविष्य को सशक्त एवं उज्ज्वल दिशा दी जा सकती है।
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